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उत्तर प्रदेश: भ्रष्टाचार के आरोप पर काश्तकारों का प्रदर्शन, प्रक्रिया रोकने की करी गई मांग

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उत्तर प्रदेश  Published by: Suraj Maurya , Date: 07/05/2026 04:57:29 pm Share:
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  • 07/05/2026 04:57:29 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: जिगना क्षेत्र के बभनी भुजौता गांव में चल रही चकबंदी प्रक्रिया में अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर गुरुवार को काश्तकारों का आक्रोश फूट पड़ा।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: जिगना क्षेत्र के बभनी भुजौता गांव में चल रही चकबंदी प्रक्रिया में अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर गुरुवार को काश्तकारों का आक्रोश फूट पड़ा। ग्रामीणों ने पंचायत भवन पर प्रदर्शन करते हुए चकबंदी अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। काश्तकारों का आरोप है कि नियमों को दरकिनार कर भूमिहीनों को समिति का सदस्य बनाया गया है तथा मानकों की अनदेखी कर चक निर्धारण किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जिन गाटा नंबरों की निगरानी डीडीसी न्यायालय में लंबित है, उनकी भी पैमाइश कराई जा रही है। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि डेढ़ दर्जन से अधिक आपत्तियों का निस्तारण किए बिना ही चकबंदी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने मांग की कि सभी आपत्तियों के समाधान तक चकबंदी कार्य तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाए। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जमीन की मालियत मनमाने तरीके से तय की गई है। कई मकानों तक पहुंचने के लिए चक मार्ग का आवंटन नहीं किया गया, जबकि दूर-दराज के लोगों को मकानों के समीप चक आवंटित कर दिया गया है।

 इससे गांव में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है और खूनी संघर्ष की आशंका बढ़ गई है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि कौशल्या देवी नामक भूमिहीन महिला को भी समिति का सदस्य बना दिया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ अधिकारी निजी लाभ के लिए चकबंदी के विधिक प्रावधानों की अनदेखी कर रहे हैं। इस मामले में एडीएम (भू-राजस्व) देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि काश्तकारों की ओर से डेढ़ दर्जन आपत्तियां दाखिल की गई हैं। गांव में चक्रमण कर लोगों से रायशुमारी की गई है। उन्होंने कहा कि आपत्तियों के निस्तारण तक चकबंदी प्रक्रिया रोकने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं चकबंदी विभाग की लेखपाल रागिनी सिंह और राजस्व निरीक्षक शेर सिंह का कहना है कि उन्हें ऐसा कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है और जमीन की पैमाइश का कार्य जारी है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि आपत्तियों के निस्तारण से पहले चकबंदी प्रक्रिया जारी रही तो जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव कर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन में लालचंद मिश्रा, ओमप्रकाश मिश्रा, कमलन मिश्रा, रमाशंकर पांडेय, रामकृष्ण यादव, लक्ष्मीनारायण मिश्रा, नीरज, दयाशंकर, विनोद, हरिश्चंद्र, इंद्रजीत समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।