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असम: तिवा भाषा, लोकनृत्य और संगीत को बचाने की पहल, 25 दिवसीय कार्यशाला में छात्राओं ने लिया हिस्सा
- Photo by : social media
संक्षेप
असम: 4 बजे टोपालती के स्वर्गीय पबेन दलई के घर में डिमोरिया तिवा काण्ठिच्युरी च्योमत और ऐतिहासिक तिवा राजदरबार के सहयोग से समाज सेवक अजित देउरी और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त लघु फिल्म निर्माता, निर्माता, निर्देशक तथा अभिनेता डॉ० राजीव दलई, प्रशिक्षक चिंटू बरदलई की देखरेख में आयोजित २५ दिवसीय कार्यशाला का आज छठा दिन है।
विस्तार
असम: 4 बजे टोपालती के स्वर्गीय पबेन दलई के घर में डिमोरिया तिवा काण्ठिच्युरी च्योमत और ऐतिहासिक तिवा राजदरबार के सहयोग से समाज सेवक अजित देउरी और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त लघु फिल्म निर्माता, निर्माता, निर्देशक तथा अभिनेता डॉ० राजीव दलई, प्रशिक्षक चिंटू बरदलई की देखरेख में आयोजित 25 दिवसीय कार्यशाला का आज छठा दिन है। आज के इस कार्यक्रम में तिवा राजदरबार के अध्यक्ष मुंछा जुरसिंग बरदलई देव, कामरूप महानगर जिले की तिवा साहित्य सभा के सचिव मुंछा फतिक देउरी, नृत्य सह-प्रशिक्षक दय - गितुमणि बरदलई ,अदिति खराई , टोपालती तिवा समाज के अधिकारी मुंछा भुवन देउरी, मुंछा लवन पाटर, मुंछा बिनाराम बरदलई, आकाशवाणी कलाकार सावित्री पाटर, टोपालती तिवा समाज की वरिष्ठ महिला पदुमी दलई, रंभा दलई, तिवा समाज की उद्यमी महिला ज्योति पाटर। साथ ही 20 सदस्यीय स्कूली छात्राओं और बहुओं ने इस तिवा भाषा, लोक नृत्य और संगीत के अभ्यास में भाग लिया। इस अभ्यास कार्यक्रम में उपस्थित होकर जुरसिंग बरदलई देव ने कहा कि वास्तव में यह प्रशंसनीय पहल है, क्योंकि इस टोपालती गांव में कभी भी तिवा भाषा और लोक नृत्य, गीत का अभ्यास नहीं हुआ था और हमारी तिवा भाषा, लोक नृत्य, पहनावा, संगीत लगभग विलुप्त होने की कगार पर हैं। इसलिए आज समाज सेवक अजित देउरी और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त लघु फिल्म निर्माता, निर्माता, निर्देशक तथा अभिनेता डॉ० राजीव दलई ने जो पहल की है, उसकी हम सराहना करते हैं। उनकी यह यात्रा शुभ हो, यही कामना करता हूं, ऐसा जुरसिंग बरदलई देव ने मत व्यक्त किया।