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छत्तीसगढ़: सूरजपुर में अनोखी मिसाल दुकान की गद्दी पर रोज बैठती गौ माता, परिवार ने माना आशीर्वाद
- Photo by : SOCIAL MEDIA
संक्षेप
छत्तीसगढ़: आज के दौर में अक्सर सड़कों पर घूम रही गौ माता को लोग आवारा कहकर भगाते या मारते हुए दिखाई देते हैं. लेकिन छत्तीसगढ़ के सूरजपुर से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो इंसान और बेजुबान के बीच प्रेम की ए
विस्तार
छत्तीसगढ़: आज के दौर में अक्सर सड़कों पर घूम रही गौ माता को लोग आवारा कहकर भगाते या मारते हुए दिखाई देते हैं. लेकिन छत्तीसगढ़ के सूरजपुर से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो इंसान और बेजुबान के बीच प्रेम की एक अनोखी मिसाल पेश करती है. यहां एक गौ माता को ऐसा अपनापन और स्नेह मिला कि वह एक परिवार का हिस्सा बन गई. इतना ही नहीं, यह गौ माता रोज दुकान पर आती है और घंटों तक दुकान की गद्दी पर बैठी रहती है. सबसे हैरानी की बात यह है कि वह दुकान के अंदर किसी प्रकार की गंदगी भी नहीं करती.यह नजारा देखकर हर कोई भावुक हो जाता है और यही कहता है कि अगर बेजुबानों को प्यार मिले तो वे भी उस प्यार को समझते हैं गौमाता बनीं दुकान की शान गौ माता के प्रति अनोखा प्रेम दुकान में गंदगी नहीं फैलाती गाय दुकानदार और उनके परिवार के लोग बताते हैं कि गौ माता बारी-बारी से दोनों दुकानों की गद्दी पर बैठती है और घंटों वहीं आराम करती है.सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि इस दौरान वह दुकान के अंदर किसी प्रकार का गोबर या मूत्र विसर्जन नहीं करती। गौ माता ने आज तक दुकान के अंदर किसी भी तरह की गंदगी नहीं फैलाया है.यदि उसे ऐसा करना होता है तो वह खुद ही दुकान से बाहर चली जाती है और फिर कुछ देर बाद वापस आकर गद्दी पर बैठ जाती है-मीना देवी,दुकानदार की मां जहां एक ओर कई लोग सड़कों पर खड़ी गौ माता को परेशानी मानते हैं और उन्हें भगाने के लिए तरह-तरह के उपाय करते हैं, वहीं सूरजपुर के इस परिवार ने गौ माता को अपने परिवार का हिस्सा बना लिया है। गौ माता न तो दुकान के सामान को नुकसान पहुंचाती है और न ही ग्राहकों को किसी प्रकार की परेशानी होती है. उल्टा, जो भी ग्राहक दुकान में आता है वह इस दृश्य को देखकर आश्चर्यचकित रह जाता है और कई लोग तो गौ माता को देखकर श्रद्धा से नमन भी करते हैं-बिसेन अग्रवाल, दुकानदार परिवार का मानना है कि यह गौ माता उनके लिए केवल एक जानवर नहीं बल्कि पूर्वजों का आशीर्वाद है घर में हमेशा से गौ सेवा की परंपरा रही है और उसी सेवा का फल है कि आज गौ माता खुद उनके पास आती है और उनकी दुकान की गद्दी पर बैठती है.परिवार के सदस्य बताते हैं कि उनके घर के बड़े-बुजुर्ग हमेशा से गौ सेवा और बेजुबानों की सेवा करने की सीख देते आए हैं- आनंद अग्रवाल, दुकानदार समाज की अनोखी तस्वीर आज के समय में जब लोग सड़कों पर घूम रही गौ माता को आवारा समझकर भगाने की कोशिश करते हैं, ऐसे में सूरजपुर से सामने आई यह तस्वीर इंसान और बेजुबान के बीच प्रेम और विश्वास की अनोखी मिसाल पेश करती है.यह तस्वीर हमें यह सिखाती है कि बेजुबान भी प्यार की भाषा को समझते हैं.जरूरत सिर्फ इतनी है कि हम उन्हें भगाने या मारने से पहले थोड़ा सा प्रेम और दया दिखाएं.क्योंकि कई बार यही छोटा सा प्रेम इंसान और जानवर के बीच एक अनोखा रिश्ता बना देता है.जहां एक गौ माता रोज दुकान पर आकर गद्दी पर बैठती है और परिवार के लोग भी उसे पूरे सम्मान और स्नेह के साथ अपनाते हैं.यह दृश्य इस बात का संदेश देता है कि यदि बेजुबानों को प्रेम और सम्मान दिया जाए तो वे भी उसी प्रेम के साथ इंसानों के जीवन का हिस्सा बन जाते हैं।
सूरजपुर जिला मुख्यालय के वार्ड क्रमांक 16 मेन रोड पर स्थित मंगलम बुटिक एंड मैचिंग सेंटर और श्री साड़ी सेंटर इन दिनों लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं.यहां पिछले लगभग छह महीनों से एक गौ माता रोज आती है. शुरुआत में वह दुकान के बाहर खड़ी रहती थी, लेकिन पिछले करीब एक महीने से वह दुकान के अंदर आकर गद्दी पर बैठने लगी है.यह दृश्य श्रीकृष्ण और गौ माता के प्रेम की याद दिलाता है. एक तरफ प्रदेश में गौधाम योजना चलाई जा रही है, वहीं दूसरी ओर सूरजपुर से सामने आई यह तस्वीर इंसान और बेजुबान के सच्चे प्रेम की मिसाल बन गई है।