Contact for Advertisement 9919916171


झारखण्ड: जनप्रतिनिधि की पहल से गंभीर मरीज को मिला बेहतर इलाज, स्थिति में हुआ सुधार

- Photo by : social media

झारखण्ड  Published by: Arun Kumar Ravi , Date: 02/05/2026 05:49:03 pm Share:
  • झारखण्ड
  • Published by: Arun Kumar Ravi ,
  • Date:
  • 02/05/2026 05:49:03 pm
Share:

विस्तार

झारखण्ड: छतरपुर के मेदिनीनगर छतरपुर प्रखंड के बैरियाडीह गांव की रहने वाली सुप्रिया कुमारी के लिए उस समय उम्मीद की किरण जगी, जब उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला परिषद प्रतिनिधि सह पूर्व प्रमुख छतरपुर रंजीत जायसवाल ‘फंटूस’ ने मानवीय पहल करते हुए उन्हें बेहतर इलाज दिलाने का जिम्मा उठाया। 

जानकारी के अनुसार, सुप्रिया कुमारी की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। परिजनों द्वारा स्थानीय स्तर पर इलाज कराया गया, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हो सका। हालात बिगड़ते देख परिजन काफी चिंतित थे। इसी बीच मामले की जानकारी मिलने पर रंजीत जायसवाल ‘फंटूस’ तुरंत सक्रिय हुए और बिना देर किए अपने देखरेख में मरीज को मेदनीराय मेडिकल कॉलेज, मेदिनीनगर ले जाया गया।

मेदनीराय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराकर उन्होंने चिकित्सकों से समुचित इलाज सुनिश्चित कराया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम द्वारा आवश्यक जांच की गई और तत्परता के साथ इलाज शुरू किया गया। इलाज के बाद सुप्रिया कुमारी की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार देखा गया, जिससे परिजनों ने राहत की सांस ली।

स्थानीय लोगों ने इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में इस तरह की तत्परता और सेवा भाव दुर्लभ है। उन्होंने कहा कि रंजीत जायसवाल ‘फंटूस’ हमेशा जरूरतमंदों के लिए आगे आते हैं और क्षेत्र के लोगों की हर संभव मदद करने का प्रयास करते हैं। इस संबंध में रंजीत जायसवाल फंटूस ने कहा कि जनसेवा ही उनका पहला कर्तव्य है और वे हमेशा अपने क्षेत्र के लोगों के साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी जरूरतमंद को बेहतर इलाज दिलाना उनकी प्राथमिकता है। जरूरतमंद की सेवा ही सच्ची मानवता है रंजीत जायसवाल फंटूस। 

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

ऐसे जनप्रतिनिधि पर हमें गर्व है। समय पर मदद मिलने से एक जीवन बच सका फंटूस जी हमेशा लोगों के बीच सक्रिय रहते हैं। इस पूरी घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि यदि जनप्रतिनिधि संवेदनशील और सक्रिय हो तो समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है। रंजीत जायसवाल फंटूस की इस पहल ने न सिर्फ एक परिवार को राहत दी बल्कि पूरे क्षेत्र में एक सकारात्मक संदेश भी पहुंचाया।