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मध्य प्रदेश: संत सिंगाजी परियोजना में अनियमितताओं का लगा आरोप, ठेका कंपनी पर नियमों की अनदेखी के सवाल
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संक्षेप
मध्य प्रदेश: संत सिंगाजी परियोजना में अनियमितताओं का लगा आरोप, ठेका कंपनी पर नियमों की अनदेखी के सवाल
विस्तार
c एस एन टी विभाग के अंतर्गत रेल्वे का कार्य कर रही कंपनी की घोर लापरवाही उजागर हो रही है। इस और वरिष्ठ अधिकारियों को ध्यान देने की जरूरत है। जानकारी के अनुसार संत सिंगाजी पांवर परियोजना में रेलवे के सिग्नलपाईट,रुट मैन,सहित करीब 22 ठेकाश्रमिक कार्य कर रहे जिसमें हाई स्किल्ड ठेका कर्मियों व कुछ रेलवे से रिटायर्ड कर्मचारी भी कार्य कर रहे है बताते हैं कि को काम करने वालो को कम वेतन दिया जा रहा है। वही दूसरी और कम वेतन देकर काम चलाने के चक्कर में बगैर डिप्लोमा धारी अपात्र लोग से काम कराया जा रहा है जो कागजों पर भी देखा जा सकता है। यह सब धांधली गड़बड़ी क्लासिक सिंगल कंपनी कई समय से कर रही है विडंबना है कि इसके बावजूद देयक बिल कैसे पास हो रहे हैं सोचनिय पहलू है यह कहीं ना कहीं जांच के घेरे में है। इस पूरे मामले में कंपनी के मेनेजर मनोज सिंह ने बताया की हमारे कार्य में अनुभव सर्टिफिकेट की आवश्यकता नहीं है कार्य एक्सपीरियंस पर हम रख सकते हैं। ज्यादा जानकारी हमारे सुपरवाइजर इंद्रजित से करें का जवाब देकर पल्ला झाड़ते नजर आए जवाबदार क्लासिक सिग्नल कंपनी में जो श्रमिक मौके पर कार्य कर रहे है। वह श्रेणी अनुसार पात्रता कार्य में नहीं रखते ऐसे अपात्र लोगों से मिली भगत करके कई समय से सांठगांठ कर कार्य कराया जा रहा है। गौरतलब है कि सिंगाजी परियोजना रेल जैसे अति गंभीर कार्य में इस प्रकार की कोताही समझ के परे हैं। या किसी दिन कोई बड़ी घटना दुर्घटना घटित होने की राह देखी जा रही है तो इसके जवाबदारी कौन लेगा यह बहुत बड़ा एक विचारणीय प्रश्न है। इस और पूरे मामले में जांच कर दोषी संबंधित कंपनी वह मिली भगत करने वाले अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई की जाना चाहिए। परमिशन गेट पास देयक बिल जांच के घेरे में क्लासिक सिंगल कंपनी जो रेलवे संत सिंगाजी के अंतर्गत रेल्वे लाइन का कार्य कर रही है। उसमें आने-जाने की मिलने वाली परमिशन एंट्री व गेट पास भी किस किसके कंपनी ने बनाए चेक किए जाने चाहिए की वह श्रमिक कार्य कर रहे हैं। ठेका कर्मियों के साथ-साथ अन्य श्रमिक मौके पर मौजूद नहीं है। उनके नाम कागजों पर दिखाकर हाजरी बताई जा रही है जिसकी जांच होना जरूरी है। वही लगाए वार्षिक देयक बिल भुगतान भी शंका के गहरे में है। पिछले दो दिन पहले एक घटना बेकसूर की आकस्मिक मौत बीते दो दिन पहले ही कार्य के दौरान एक स्थानीय युवक की आकस्मिक दुर्घटना में मौत हो गई, जिसे मौके पर सहायता क्षतिपूर्ति राशि देकर मामले को रफा-दफा कर दिया पर इससे भी शायद अधिकारी सबक नहीं ले रहे हैं और घटना दुर्घटनाओं की रहा देख रहे हैं। आए दिन संत सिंगाजी पांवर परियोजना में दुर्घटनाएं घटित होती है पर माना जाए इससे अधिकारी सरोकार नहीं रखते और घटनाओं का इंतजार कर उन्हें बुलावा दे रहे हैं। इनका-संबधित विभाग को जांच के निर्देश दिए जाएगा नियम अनुरुप कार्य कराया गया है, जो विभागीय कार्रवाई कराई जाएंगी देयक बिलों को रोका जाएगा। हमारे कार्य में अनुभव सर्टिफिकेट की आवश्यकता नहीं है। एक्सपीरियंस पर हम श्रमिक रख लेते हैं और रख सकते हैं बाकी आप हमारे मैनेजर इंद्रजीत सिंह से बात करिए।
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