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मध्य प्रदेश: गुरुकुल स्कूल में गुरु पूर्णिमा पर हुआ रंगारंग कार्यक्रम, नृत्य-नाटिका के जरिए गुरु-शिष्य परंपरा का दिया संदेश

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मध्य प्रदेश  Published by: Tushar Chouk , Date: 31/07/2026 11:39:10 am Share:
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  • 31/07/2026 11:39:10 am
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मध्य प्रदेश: गुरुकुल स्कूल धामनोद के आर.के. गैलेक्सी ऑडिटोरियम में 29 जुलाई 2026 को सीसीए विभाग एवं छात्र परिषद के संयुक्त तत्वावधान में गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, हर्षोल्लास और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के अनुरूप मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से गुरु के महत्व, गुरु-शिष्य परंपरा और भारतीय संस्कारों को प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय प्रबंधन की कोषाध्यक्ष सीमा भंडारी, डायरेक्टर ध्वज भंडारी, प्राचार्या डॉ. शिल्पा शर्मा, HM वृतिका जैन और प्री-प्राइमरी कोऑर्डिनेटर शिखा शुक्ला ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन और पूजन के साथ किया। इसके बाद अतिथियों का तिलक लगाकर पारंपरिक रूप से स्वागत किया गया।

कार्यक्रम का संचालन सांस्कृतिक सचिव लक्ष्य गुप्ता ने चारों हाउस के सांस्कृतिक प्रीफेक्ट्स के सहयोग से किया। वहीं प्राइमरी एवं प्री-प्राइमरी विभाग की प्रस्तुतियों का संचालन चेतना शर्मा और रश्मि यादव ने किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत संगीत शिक्षिका कृतिका दवे के निर्देशन में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत गुरु सम्मान गीत से हुई, जिसने पूरे वातावरण को श्रद्धा और भक्ति से भर दिया। इसके बाद प्री-प्राइमरी और प्राइमरी कक्षाओं के नन्हें विद्यार्थियों ने अरुण पुरी गोस्वामी के मार्गदर्शन में गुरु-भक्ति पर आधारित गीत प्रस्तुत किए। सुमित वर्मा और दीपिका बडासे के निर्देशन में विद्यार्थियों ने विभिन्न गुरु-शिष्य युग्मों को दर्शाती मनमोहक नृत्य प्रस्तुति दी। कार्यक्रम की मुख्य प्रस्तुति नृत्य एवं रंगमंच शिक्षक राजेश बडासे के निर्देशन में प्रस्तुत नृत्य-नाटिका रही। इसमें महर्षि परशुराम और उनके शिष्य कर्ण की कथा का सजीव मंचन किया गया। कक्षा 11-ए के छात्र रणवीर केशान्या ने कर्ण की भूमिका में प्रभावशाली अभिनय कर दर्शकों की सराहना हासिल की। नाटिका के माध्यम से सत्यनिष्ठा, ईमानदारी और गुरु के प्रति समर्पण का संदेश दिया गया।

कक्षा 12-सी की छात्रा वान्या अग्रवाल ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' की रचना 'रश्मिरथी' का ओजस्वी वाचन किया। वहीं महेश्वरम हाउस के कप्तान वंश चौहान ने गुरु पूर्णिमा के आध्यात्मिक एवं शैक्षिक महत्व पर अपने विचार रखे। प्राथमिक विभाग में शिव सुंदरम हाउस ने 'जीवन के प्रथम गुरु माता-पिता' विषय पर विशेष सभा प्रस्तुत की।कार्यक्रम के दौरान छात्र परिषद की ओर से अतिथियों को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। डायरेक्टर ध्वज भंडारी और प्राचार्या डॉ. शिल्पा शर्मा ने विद्यार्थियों से गुरुजनों के प्रति सम्मान, अनुशासन, सत्यनिष्ठा और भारतीय संस्कृति के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। सम्पूर्ण कार्यक्रम श्रद्धा, संस्कार और गुरु के प्रति सम्मान की भावना से ओत-प्रोत रहा। विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को भाव-विभोर कर दिया और गुरु पूर्णिमा महोत्सव को यादगार बना दिया।