Contact for Advertisement 9919916171


उत्तर प्रदेश: भाकियू चढूनी का प्रदर्शन, भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ सौंपा गया ज्ञापन

- Photo by : social media

उत्तर प्रदेश  Published by: Ghanshyam Das , Date: 01/05/2026 10:26:53 am Share:
  • उत्तर प्रदेश
  • Published by: Ghanshyam Das ,
  • Date:
  • 01/05/2026 10:26:53 am
Share:

संक्षेप

उत्तर प्रदेश: सहारनपुर भारत-अमेरिकी फ्री ट्रेड डील कृषि उत्पाद के विरोध में भारतीय किसान यूनियन चढूनी के कार्यकर्ताओं ने प्रधान मंत्री भारत सरकार के नाम जिलाधिकारी सहारनपुर को ज्ञापन सौंपा।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: सहारनपुर भारत-अमेरिकी फ्री ट्रेड डील कृषि उत्पाद के विरोध में भारतीय किसान यूनियन चढूनी के कार्यकर्ताओं ने प्रधान मंत्री भारत सरकार के नाम जिलाधिकारी सहारनपुर को ज्ञापन सौंपा। उक्त यूनियन के अनुसार गुरुवार को भारतीय किसान यूनियन चढूनी के राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, राजस्थान, मध्यप्रदेश, बिहार एंव उत्तराखंड के सभी मुख्यालयों पर जहां संगठन सक्रिय है एक ज्ञापन कार्यक्रम रखा गया। जिसके तहत जिला सहारनपुर में भी भारतीय किसान यूनियन चढूनी के कार्यकर्ताओं ने जिला अधिकारी सहारनपुर की अनुपस्थिति में अपर जिला अधिकारी के माध्यम से प्रधान मंत्री भारत सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें अवगत कराया गया है कि वर्तमान में भारत सरकार द्वारा विभिन्न देशों के साथ जो प्रस्तावित व्यापार (ट्रेड) समझौते किए जा रहे हैं अथवा विचाराधीन हैं, वे देश के किसानों के हितों के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। भारत की कृषि व्यवस्था पहले से ही अनेक चुनौतियों का सामना कर रही है, जैसे बढ़ती लागत, फसलों के उचित मूल्य का अभाव, प्राकृतिक आपदाएं तथा कर्ज का बोझ आदि समस्याओं से जूझते हुए किसान आत्महत्या तक के कदम उठा रहा है। 


 ऐसे में यदि विदेशी कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में प्रवेश दिया जाता है, तो इससे देश के किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। क्योंकि भारत की खेती आजीवका है जबकि विदेशों में खेती व्यापार है इसलिए  सस्ते आयातित उत्पाद भारतीय किसानों की उपज की कीमतों को गिरा देंगे, जिससे उनकी आय पर और प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इसके अतिरिक्त, ट्रेड डील के माध्यम से बहुराष्ट्रीय कंपनियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे कृषि क्षेत्र में निजीकरण और कॉर्पोरेट नियंत्रण बढ़ेगा। यह स्थिति न केवल किसानों की स्वतंत्रता को प्रभावित करेगी बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा के लिए भी खतरा उत्पन्न करेगी। जिससे किसानों की आत्महत्याओं की संख्या में अधिक बढ़ोतरी  होगी। और भारी संख्या में किसान मजदूरों में तब्दील होगा तथा भारी बेरोजगारी फैलेगी, जोकि देश हित में नहीं है। आपसे हमारी मांग है  की कृषि और डेयरी व पोल्ट्री और किसानों से जुड़े सहायक धंधों को किसी भी प्रकार के मुक्त व्यापार समझौते से बाहर रखा जाए।

 

न्यूनतम समर्थन मूल्य  एम एस पी की कानूनी गारंटी सुनिश्चित की जाए, देश के किसानों के हितों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, अनुरोध है कि वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए किसी भी ऐसे ट्रेड डील/  मुक्त व्यापार समझौते को न किया जाए, और किसानों के हितों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। यदि फिर भी भारत सरकार किसान के हितों को दांव पर लगाकर समझौता करती है तो यह  ट्रेड डील/ मुक्त व्यापार समझौते किसानों के लिए डेथ वारंट माने जाएंगे और  भारत का किसान स्पष्ट करना चाहता है की यह ट्रेड डील/ मुक्त व्यापार समझौते किसी भी सुरत में बर्दास्त नहीं करेगा, और भारत के किसानों के पास आंदोलन के आलावा कोई रास्ता न होगा जिसकी समस्त जिम्मेदारी सरकार की होगी,मंडल महासचिव सरदार मलकीत सिंह ने कहा कि किसानों का शौषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नही किया जाएगा। युवा जिलाध्यक्ष सुलभ चौधरी ने अपने वक्तव्य में कहा कि यदि सरकार न माने तो हमारा संगठन बड़े आंदोलन के लिए तैयार है। 


इसी मौके पर मंडल उपाध्यक्ष आलिम नंबरदार ने किसानों को एकता पर बल देते हुए जागरूक किया। इस अवसर पर कईं पदाधिकारियों ने अपने अपने विचार रखे और विरोध दर्ज कराया। इस दौरान प्रदेश प्रमुख महासचिव प्रियदीप त्यागी, मंडल महासचिव सरदार मलकीत सिंह, मंडल उपाध्यक्ष आलिम नंबरदार, मंडल संरक्षक अवनीश शर्मा, जिला अध्यक्ष हिमांशु चौधरी, युवा जिला अध्यक्ष सुलभ चौधरी, तहसील अध्यक्ष बेहट मुसाफिर चौधरी, तहसील अध्यक्ष देवबंद दीपक त्यागी, आकाश त्यागी, कार्तिक त्यागी, नितिन त्यागी, सरफराज, बिलाल, शिवकुमार चौधरी, कपिल चौधरी, युवा किसान नेता एकांश त्यागी एंव आदि किसान मौजूद रहे।


Featured News