-
☰
उत्तर प्रदेश: श्रावण मास की हुई शुरुआत, 'हर-हर महादेव' के जयघोष से गूंजा मनकामेश्वर मंदिर
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: भगवान शिव की आराधना का पवित्र श्रावण (सावन) माह गुरुवार से शुरू हो गया।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: भगवान शिव की आराधना का पवित्र श्रावण (सावन) माह गुरुवार से शुरू हो गया। सावन के पहले दिन प्रयागराज के प्राचीन श्री मनकामेश्वर महादेव मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयघोष के साथ जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की। भोर में मंदिर के महंत श्रीधरानंद जी महाराज ने वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ भगवान मनकामेश्वर का विशेष पूजन, अभिषेक और श्रृंगार किया। इसके बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। यमुना तट पर स्थित मनकामेश्वर महादेव मंदिर प्रयागराज के प्रमुख शिवालयों में से एक है। ऐसी मान्यता है कि यहां सच्चे मन से पूजा करने पर भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। सावन के पूरे महीने मंदिर में विशेष रुद्राभिषेक, शिव आरती और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष मंदिर प्रशासन ने सावन माह के लिए विशेष ड्रेस कोड लागू किया है। गर्भगृह में रुद्राभिषेक और जलाभिषेक करने वाले श्रद्धालुओं के लिए भारतीय पारंपरिक और शालीन वेशभूषा अनिवार्य की गई है। पुरुषों को धोती या पारंपरिक वस्त्र पहनने का अनुरोध किया गया है, जबकि महिलाओं के लिए साड़ी या सलवार-सूट जैसे पारंपरिक परिधान निर्धारित किए गए हैं। जींस, टी-शर्ट, छोटे या भड़काऊ कपड़ों में गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इसके अतिरिक्त, मंदिर परिसर में प्लास्टिक के पात्रों में जल या दूध लाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। सावन माह में बड़ी संख्या में कांवड़िए त्रिवेणी संगम से गंगाजल भरकर मनकामेश्वर सहित शहर के विभिन्न शिवालयों में भगवान शिव का जलाभिषेक करने आते हैं। इसे देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर और कांवड़ मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। भीड़ नियंत्रण, बैरिकेडिंग, यातायात व्यवस्था, चिकित्सा सहायता और सफाई व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को असुविधा न हो और दर्शन-पूजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।