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गुजरात: कैथल पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों से वाहन आरसी कैंसिल कर सरकारी राशि हड़पने वाले दो आरोपियों को पकड़ा
- Photo by : social media
संक्षेप
गुजरात: कैथल आमजन से ठगी करने वाले आरोपियों पर एसपी मनप्रीत सिंह सूदन के आदेशानुसार शिकंजा कसते हुए फर्जी दस्तावेजों के जरिए वाहन आरसी कैंसिल कर सरकारी राशि हड़पने के मामले में एंटी व्हीकल थेफ्ट स्टाफ प्रभारी एसआई मुकेश कुमार की अगुवाई में एएसआई अजीत सिंह की टीम द्वारा 2 आरोपियों को काबू कर लिया गया।
विस्तार
गुजरात: कैथल आमजन से ठगी करने वाले आरोपियों पर एसपी मनप्रीत सिंह सूदन के आदेशानुसार शिकंजा कसते हुए फर्जी दस्तावेजों के जरिए वाहन आरसी कैंसिल कर सरकारी राशि हड़पने के मामले में एंटी व्हीकल थेफ्ट स्टाफ प्रभारी एसआई मुकेश कुमार की अगुवाई में एएसआई अजीत सिंह की टीम द्वारा 2 आरोपियों को काबू कर लिया गया। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि 19 जून को एंटी व्हीकल थेफ्ट प्रभारी एसआई मुकेश कुमार की अगुवाई में एएसआई अजीत की टीम अपराधियों की तलाश के दौरान जींद बाईपास क्षेत्र में मौजूद थी। इसी दौरान एक विश्वसनीय गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि जींद बाईपास रोड स्थित बंद पड़े इंडियन पेट्रोल पंप के पीछे स्थित एक खान डिस्पोजल गोदाम में साहिल खान अपने साथी अश्विनी के साथ मिलकर वाहनों की ऑनलाइन आरसी कैंसिल कराने के नाम पर फर्जीवाड़ा कर रहा है, जिसमें दोनों व्यक्ति ऐसे वाहन मालिकों की आरसी कैंसिल करवाने की प्रक्रिया में शामिल रहते थे, जिनके नाम से मिलते-जुलते नाम वाले अन्य व्यक्तियों के आधार कार्ड और पैन कार्ड का इस्तेमाल किया जाता था। इन दस्तावेजों को अपने लैपटॉप पर अपलोड कर ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करते थे और सरकार द्वारा आरसी कैंसिल करने पर दी जाने वाली राशि को धोखाधड़ी से प्राप्त कर आपस में बांट लेते थे। इस कारण वास्तविक वाहन मालिकों को मिलने वाली राशि से वंचित होना पड़ता हैं तथा सरकार को भी आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा रहा हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर छापा मारकर गांव बालु निवासी साहिल खान को काबू कर लिया। जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन की पड़ताल की गई, जिसमें विभिन्न व्यक्तियों के आधार कार्ड, पैन कार्ड तथा वाहन आरसी से संबंधित दस्तावेज मिले। पूछताछ में सामने आया कि आरसी पर अंकित वास्तविक मालिकों और अपलोड किए गए दस्तावेजों में दर्ज नाम व पते अलग-अलग थे। साहिल खान ने बताया कि वह अपने साथी अश्विनी के साथ मिलकर ऐसे मामलों को अंजाम देता था। दोनों आरोपी समान नाम वाले व्यक्तियों के दस्तावेज जुटाकर ऑनलाइन आरसी कैंसिल करवाते थे और प्राप्त राशि को अपने खातों में मंगवाकर आपस में बांट लेते हैं। कई मामलों में हस्ताक्षर की आवश्यकता पड़ने पर आरोपी स्वयं फर्जी हस्ताक्षर भी कर देते हैं। मौके से एक ओप्पो कंपनी का मोबाइल फोन तथा एक एचपी एलिट बुक लैपटॉप बरामद किया है, जिनका इस्तेमाल कथित रूप से फर्जीवाड़े में किया जा रहा हैं। जिस बारे थाना सिविल लाइन में मामला दर्ज कर लिया गया। मामले की आगामी जांच एएसआई संजय कुमार द्वारा करते हुए आरोपी ऋषि नगर कैथल निवासी अश्विनी को भी काबु कर लिया गया। आरोपियों से व्यापक पूछताछ के लिए अदालत से दोनों आरोपियों का 2 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया हैं।
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