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मध्य प्रदेश: हाईकोर्ट ने ग्वालियर में असंगठित कचरा संग्रहण पर जताई चिंता 

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मध्य प्रदेश  Published by: Praveem Kumar Dubey , Date: 19/02/2026 03:51:31 pm Share:
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  • Date:
  • 19/02/2026 03:51:31 pm
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: ग्वालियर हाईकोर्ट की युगल पीठ ने शहर की सफाई व्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।

विस्तार

मध्य प्रदेश: ग्वालियर हाईकोर्ट की युगल पीठ ने शहर की सफाई व्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि शहर के 60 में से 30 वार्डों में कचरा या तो वैकल्पिक दिनों में या फिर तीन दिन में एक बार ही उठाया जा रहा है। इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कोर्ट ने नगर निगम से विस्तृत प्रगति रिपोर्ट और खर्च का ब्यौरा तलब किया है। न्यायालय ने यह भी कहा कि सफाई व्यवस्था की प्रभावी निगरानी के लिए भोपाल के वरिष्ठ अधिकारियों की सहभागिता आवश्यक है।

इसी क्रम में, नगरीय आवास एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे को अगली सुनवाई पर ऑनलाइन उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है, ताकि किसी भी नीतिगत या प्रशासनिक बाधा का तत्काल समाधान किया जा सके। कोर्ट ने नगर निगम आयुक्त को निर्देशित किया है कि कचरा संग्रहण और ग्राम केदारपुर में कचरा निपटान पर अब तक कितनी राशि स्वीकृत और व्यय की गई है, इसका पूरा ब्यौरा शपथ पत्र सहित प्रस्तुत करें। आयुक्त को यह भी बताना होगा कि शेष 30 वार्डों को कवर करने के लिए क्या ठोस कार्ययोजना है। न्यायालय ने आवश्यकता पड़ने पर दो शिफ्ट में कचरा संग्रहण की व्यवस्था करने का सुझाव दिया, ताकि कुछ वार्डों में सुबह और कुछ में शाम को कचरा उठाया जा सके। खंडपीठ ने 'सोशल ऑडिट' की अवधारणा को भी लागू करने पर बल दिया है, जिसमें ग्वालियर के विषय विशेषज्ञों को निर्णय और क्रियान्वयन प्रक्रिया में शामिल करने की अपेक्षा की गई है।