Contact for Advertisement 9919916171


राजस्थान: सिकोईडिकॉन पीड़ितों को बड़ी राहत, 15 दिन में जांच के आश्वासन के बाद टूटा आमरण अनशन

- Photo by : social media

राजस्थान  Published by: Shahihurehman , Date: 18/07/2026 05:29:11 pm Share:
  • राजस्थान
  • Published by: Shahihurehman ,
  • Date:
  • 18/07/2026 05:29:11 pm
Share:

संक्षेप

राजस्थान: टोंक चाकसू में सिकोईडिकॉन संस्थान द्वारा कथित रूप से हड़पी गई जमाकर्ताओं की राशि वापस दिलाने की मांग को लेकर पूर्व विधायक वेदप्रकाश सोलंकी के नेतृत्व में चल रहा आमरण अनशन शनिवार को समाप्त हो गया।

विस्तार

राजस्थान: टोंक चाकसू में सिकोईडिकॉन संस्थान द्वारा कथित रूप से हड़पी गई जमाकर्ताओं की राशि वापस दिलाने की मांग को लेकर पूर्व विधायक वेदप्रकाश सोलंकी के नेतृत्व में चल रहा आमरण अनशन शनिवार को समाप्त हो गया। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं टोंक विधायक सचिन पायलट ने अनशन स्थल पर पहुंचकर वेदप्रकाश सोलंकी को जूस पिलाकर उनका आमरण अनशन तुड़वाया। इस दौरान बड़ी संख्या में पीड़ित परिवार, कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। रेल लाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष अकबर खान ने बताया कि सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने 15 दिनों के भीतर पूरे मामले की जांच पूरी करने और जमाकर्ताओं को उनकी जमा राशि का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों के इस भरोसे के बाद अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
 
अनशन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि सिकोईडिकॉन संस्थान में अनेक परिवारों, विशेषकर महिलाओं ने अपने बच्चों के भविष्य और पारिवारिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वर्षों की मेहनत की कमाई जमा कराई थी। संस्था पर जमा राशि लौटाने में लापरवाही और अनियमितता के आरोप लगने के बाद पीड़ित परिवार लंबे समय से न्याय की मांग कर रहे थे। सचिन पायलट ने पीड़ितों को भरोसा दिलाया कि उनकी मेहनत की कमाई वापस दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी जमाकर्ता के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और यदि आवश्यकता पड़ी तो इस मुद्दे को आगे भी मजबूती से उठाया जाएगा।

पूर्व विधायक वेदप्रकाश सोलंकी ने कहा कि यह आंदोलन केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उन सैकड़ों परिवारों की लड़ाई थी जिनकी जीवनभर की बचत संस्था में फंसी हुई है। उन्होंने कहा कि सहकारिता विभाग द्वारा 15 दिनों में जांच पूरी करने और भुगतान प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन मिलने के बाद अनशन समाप्त किया गया है। पीड़ित परिवारों ने इसे न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए उम्मीद जताई कि उन्हें जल्द ही उनकी जमा राशि वापस मिल जाएगी।