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राजस्थान: प्रेस वार्ता में सवालों पर घिरे प्रभारी मंत्री, कई मुद्दों पर नहीं दे सके स्पष्ट जवाब

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राजस्थान  Published by: Shahihurehman , Date: 25/06/2026 01:50:38 pm Share:
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  • 25/06/2026 01:50:38 pm
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संक्षेप

 राजस्थान: टोंक जिले के प्रभारी एवं ऊर्जा मंत्री हीरा लाल नागर प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों के सवालों पर घिरते नजर आए।

विस्तार

 राजस्थान: टोंक जिले के प्रभारी एवं ऊर्जा मंत्री हीरा लाल नागर प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों के सवालों पर घिरते नजर आए। कई अहम मुद्दों पर पूछे गए सवालों के जवाब देते समय मंत्री बार-बार पर्ची देखकर प्रतिक्रिया देते दिखाई दिए, जिससे प्रेस वार्ता चर्चा का विषय बन गई।

पत्रकारों ने टोंक स्टेडियम में संचालित ‘खेलो इंडिया’ कार्यक्रम के तहत खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाओं और रखरखाव शुल्क का मुद्दा उठाया। सवाल किया गया कि पर्याप्त प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के बावजूद खिलाड़ियों से स्टेडियम रखरखाव के नाम पर 500 रुपये क्यों वसूले जा रहे हैं। इस पर मंत्री कोई स्पष्ट और संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।

बिजली व्यवस्था को लेकर पूछे गए सवाल पर ऊर्जा मंत्री ने विभाग का बचाव करते हुए कहा कि आंधी और अंधड़ के दौरान बिजली के तार टूट जाने से आपूर्ति बहाल करने में समय लगना स्वाभाविक है। हालांकि मालपुरा क्षेत्र में प्रस्तावित बिजली प्लांट और उससे जुड़े मुद्दों पर भी उनका जवाब स्पष्ट नहीं रहा।

प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल में टोंक जिले को मिली प्रमुख सौगातों और विकास कार्यों का ब्यौरा भी पूछा। इस सवाल पर मंत्री कोई ठोस जानकारी प्रस्तुत नहीं कर सके। जिले में हुए विकास कार्यों और उपलब्धियों के आंकड़ों को लेकर भी वे असहज नजर आए।

मंत्री हीरा लाल नागर ने कहा कि जिले में जो भी विकास कार्य हुए हैं, वे भाजपा सरकार की देन हैं। वहीं, लंबित समस्याओं और कमियों के लिए उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों को जिम्मेदार ठहराया। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने जिले की कई समस्याओं के लिए भी कांग्रेस को दोषी बताया।