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राजस्थान: ट्रोला चोरी कर पार्ट्स बेचने वाले गिरोह पर पुलिस का शिकंजा, मुख्य सरगना अब भी फरार
- Photo by : social media
संक्षेप
राजस्थान: कोटपुतली बहरोड जिले की बानसूर एवं हरसौरा थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ट्रोले चोरी कर उनके पार्ट्स काटकर बेचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है।
विस्तार
राजस्थान: कोटपुतली बहरोड जिले की बानसूर एवं हरसौरा थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ट्रोले चोरी कर उनके पार्ट्स काटकर बेचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार कर करीब 5 करोड़ रुपये मूल्य के चोरी के वाहन, भारी मशीनरी, हथियार, गैस कटर उपकरण तथा अन्य सामान बरामद किया है। गिरोह का मुख्य सरगना आरिफ मेव अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। जिला एसपी सतवीर सिंह (आईपीएस) के निर्देशन, एएसपी नाजिम अली खान, बानसुर डीएसपी मनीषा मीणा एवं विराटनगर डीएसपी उमेश कुमार निठारवाल के सुपरविजन तथा बानसुर थाना प्रभारी राजेश कुमार मीणा के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने यह कार्रवाई की। जांच के दौरान पुलिस ने गांव गुवाड़ा स्थित आरोपी विजय गुर्जर के खेत पर छापा मारा, जहां चोरी किए गए ट्रोलों को गैस कटर से काटकर उनके पार्ट्स अलग किए जा रहे थे। मौके से एक ट्रोले का चेसिस एवं केबिन, दो महिंद्रा पिकअप, एक अन्य ट्रोले का फ्रेम, ACE हाइड्रा क्रेन, बोलेरो, तीन मोटरसाइकिल, गैस कटर सेट, ऑक्सीजन व एलपीजी सिलेंडर, कटाई के उपकरण तथा कई अन्य वाहनों के पार्ट्स बरामद किए गए। कार्रवाई के दौरान मुख्य सरगना आरिफ मेव की मोटरसाइकिल से एक देसी कट्टा और दो जिंदा कारतूस भी बरामद हुए। इस संबंध में शस्त्र अधिनियम के तहत भी अलग से मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में बरामद ट्रोलों में से एक हरियाणा के गुरुग्राम तथा दूसरा सवाई माधोपुर जिले के मलारना डूंगर क्षेत्र से चोरी होना सामने आया है। पुलिस अन्य बरामद वाहनों एवं पार्ट्स के संबंध में भी विभिन्न राज्यों से जानकारी जुटा रही है, जिससे और चोरी की वारदातों के खुलासे की संभावना है। ऐसे करता था गैंग वारदात : पुलिस के अनुसार गिरोह हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों से ट्रक एवं ट्रोले चोरी कर उन्हें गांव गुवाड़ा लाता था। यहां गैस कटर से वाहनों को अलग-अलग हिस्सों में काटकर उनके पार्ट्स विभिन्न स्थानों पर बेच दिए जाते थे, जिससे चोरी के वाहनों की पहचान मिटाई जा सके। ये आरोपी हुए गिरफ्तार : पुलिस ने मामले में प्रशांत उर्फ गोलू, विक्रम कुमार, प्रकाश चंद, सुनील कुमार, मोनू वर्मा और राहुल कुमार को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों से गिरोह के नेटवर्क, चोरी के अन्य वाहनों तथा फरार साथियों के संबंध में पूछताछ जारी है। इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला : पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं तथा आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है। इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका : इस कार्रवाई में थाना प्रभारी राजेश कुमार मीणा, एएसआई ओमप्रकाश, अमर सिंह, सतीश कुमार, हेड कांस्टेबल भूपेन्द्र सिंह, धर्मवीर सिंह, साइबर सेल प्रभारी संदीप कुमार, कांस्टेबल सतवीर, महिपाल सिंह, ओमवीर, चालक कांस्टेबल दिनेश कुमार, लक्ष्मण कुमार, अरुण कुमार, रूपचंद तथा डीएसटी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विशेष रूप से कांस्टेबल चन्द्रप्रकाश (नं. 559) की सूचना एवं सक्रियता को कार्रवाई की सफलता में अहम माना गया।