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उत्तर प्रदेश: स्मार्ट मीटर विरोध में कांग्रेस का अधीक्षण अभियंता कार्यालय का किया गया घेराव

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उत्तर प्रदेश  Published by: Abhay , Date: 03/04/2026 11:15:44 am Share:
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  • 03/04/2026 11:15:44 am
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: शाहजहाँपुर बिजली विभाग द्वारा बिजली उपभेक्ताओं के घर पर पुराना बिजली मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर यह कह कर लगाया था कि पुराने मीटर और स्मार्ट बिजली मिटर के बिल में कोई अंतर नही है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: शाहजहाँपुर बिजली विभाग द्वारा बिजली उपभेक्ताओं के घर पर पुराना बिजली मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर यह कह कर लगाया था कि पुराने मीटर और स्मार्ट बिजली मिटर के बिल में कोई अंतर नही है। इस लिये इस को लगवाना जरूरी है और बिजली  बिभाग ने हर घर स्मार्ट मीटर लगा दिये कुछ बाद उपभोक्ताओं का बिल मैसेज द्वारा भारीकम आया परेशान उपभोगताओं ने बिल भरा अब तोएक हजार का भी बिल होने पर बिजली विभाग हो या कहे जाने वाला समारट मीटर से उपभोक्ताओं की बिजली काट दी जाती है, जिससे गर्मी व मच्छरों से लेगों को परेशानी का सामना करना पड रहा है। अब बिजली उपभेकताओं को पता चला है कि समारट मीटर नही यह बिजली विभाग का समारट बिल मीटर है। जनहित की समस्याओं को लेकर कांग्रेस ने सड़क पर संघर्ष का खाका तैयार कर लिया है। इसी क्रम में नगर निगम के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन के बाद गुरुवार को स्मार्ट मीटर और विद्युत कनेक्शन काटे जाने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस जन बड़ी संख्या में खिरनीबाग स्थित रामलीला मैदान में एकत्रित हुए।

 

यहां से जिलाध्यक्ष रजनीश गुप्ता के नेतृत्व में पैदल मार्च निकालते हुए कार्यकर्ता नारे लगाते हुए हाथों में तख्तियां लेकर अधीक्षण अभियंता कार्यालय पहुंच कर धरना-प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष रजनीश गुपता ने सवालों की बौछार करते हुए स्मार्ट मीटर व्यवस्था पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। ज्ञापन में कांग्रेस ने स्मार्ट प्री-पेड मीटर व्यवस्था को विफल बताते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। कहा गया कि बिना पूर्व सूचना उपभोक्ताओं के मीटर बदले जा रहे हैं, जबकि ऑटो-कट सिस्टम के चलते हजारों परिवारों के कनेक्शन स्वतः काटे जा रहे हैं। साथ ही तकनीकी खामियों के कारण बिल जमा करने के बावजूद घंटों तक बिजली बहाल नहीं हो रही है। स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि पर भी सवाल उठाए गए। कांग्रेस ने विद्युत क्षेत्र के निजीकरण का विरोध करते हुए इसे जनहित के खिलाफ बताया और संविदा कर्मचारियों की छंटनी पर भी नाराजगी जताई।

 

उपभोगताओं की समस्याओं का समाधान न होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन में पूर्व महानगर अध्यक्ष पवन सिंह, पीसीसी सदस्य तनवीर सफदर, रामजी अवस्थी, सईद अंसारी, अर्चना कटारिया, रफी उल हसन, डॉ. फहाद अली, पूनम पांडेय, अनस इकबाल, नूरे सहर बी, रानी पांडे, सीमा गौतम, आशा शुक्ला, संजय सक्सेना, सुशील प्रकाश शर्मा, साजिद खान, मुस्तकीम, इरफान, वकार आलम, साद उल्ला खां, ओमपाल यादव, ओवेंद्र यादव, प्रो. जाने आलम खान, फुरकान अहमद कुरैशी, गौरव त्रिपाठी, अनिल श्रीवास्तव, राहुल मौर्य, अरुणोद मिश्रा, इरशाद खान, कमल किशोर, लक्ष्मीकांत मिश्रा, चांद बाबू अंसारी, परवेज अहमद, सुधांशु मिश्रा, शोभित मिश्रा, अयान खान, फरमान खान, शाहनवाज खान, हरनाम कटियार सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे। धरना प्रदर्शन में आम नागरिक भी बड़ी संख्या में पहुंचे और अपनी विद्युत समस्याओं को लेकर बिजली विभाग को अवगत कराया।