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उत्तर प्रदेश: आईआईटी स्थापना की पहल हुई तेज, उच्च शिक्षा को मिलेगा नया आयाम
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: सहारनपुर किसी भी क्षेत्र के विकास में जनप्रतिनिधियों की सोच, दूरदर्शिता और भविष्य को ध्यान में रखकर किए गए प्रयास महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: सहारनपुर किसी भी क्षेत्र के विकास में जनप्रतिनिधियों की सोच, दूरदर्शिता और भविष्य को ध्यान में रखकर किए गए प्रयास महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाओं को बढ़ावा देने की दिशा में वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री संजय गर्ग की पहल अब एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच गई है। उनके प्रयासों के चलते सहारनपुर में नए आईआईटी संस्थान की स्थापना की संभावना मजबूत हुई है। पूर्व मंत्री संजय गर्ग की मांग पर उत्तर प्रदेश सरकार ने सहारनपुर में आईआईटी स्थापना के प्रस्ताव को लेकर अपनी सहमति का पत्र केंद्र सरकार को भेज दिया है। इस कदम के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उच्च तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है। संजय गर्ग ने बताया कि वह पिछले कई वर्षों से सहारनपुर में आईआईटी स्थापना के लिए प्रयास कर रहे थे। उन्होंने 2 मई को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर इस संबंध में विस्तार से चर्चा की थी। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया था कि आईआईटी रुड़की के सहारनपुर स्थित द्वितीय परिसर (आईपीटी) और केंद्रीय लुग्दी एवं कागज अनुसंधान संस्थान (सीपीपीआरआई) के परिसर को मिलाकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक नया आईआईटी संस्थान स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि दोनों परिसरों में पहले से मौजूद आधारभूत सुविधाओं का उपयोग करते हुए एक उच्च स्तरीय तकनीकी शिक्षण संस्थान विकसित किया जा सकता है। आईआईटी रुड़की के सहारनपुर परिसर में लगभग 25 एकड़ भूमि, छात्रावास, प्रयोगशालाएं, कक्षाएं और शिक्षक आवास जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। वहीं सीपीपीआरआई परिसर में भी पर्याप्त भूमि, प्रशासनिक भवन, प्रयोगशालाएं और अन्य संसाधन मौजूद हैं। संजय गर्ग ने बताया कि वर्तमान समय में इन संसाधनों का पूरी क्षमता से उपयोग नहीं हो पा रहा है। यदि दोनों संस्थानों के उपलब्ध ढांचे का उपयोग कर सहारनपुर में आईआईटी स्थापित किया जाता है तो इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के विद्यार्थियों को भी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि देश में तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने के लिए नए आईआईटी संस्थानों की आवश्यकता है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में नए उच्च तकनीकी संस्थानों की स्थापना युवाओं के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। इससे पहले 20 जुलाई 2025 को संजय गर्ग ने एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात कर सहारनपुर में आईआईटी स्थापना की मांग रखी थी। केंद्रीय मंत्री ने इस प्रस्ताव को उचित बताते हुए कहा था कि इसके लिए राज्य सरकार की सहमति आवश्यक होगी। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. एम.के. शनमुगा सुंदरम ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अवर सचिव को सहमति पत्र भेज दिया है। साथ ही इसकी जानकारी पूर्व मंत्री संजय गर्ग को भी दी गई है। सहारनपुर में आईआईटी स्थापना की पहल को क्षेत्र के शिक्षा जगत के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। इससे युवाओं को बेहतर तकनीकी शिक्षा के अवसर मिलेंगे और क्षेत्र शिक्षा के नए केंद्र के रूप में विकसित हो सकेगा।
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