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उत्तर प्रदेश: जल जीवन मिशन बैठक में हुआ हंगामा, पानी संकट पर प्रधानों का फूटा गुस्सा
 

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उत्तर प्रदेश  Published by: Suraj Maurya , Date: 22/04/2026 10:41:43 am Share:
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  • 22/04/2026 10:41:43 am
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: मिर्जापुर छानबे ब्लाक मुख्यालय विजयपुर के सभा कक्ष में मंगलवार को आयोजित जल जीवन मिशन की बैठक भारी हंगामे के बीच संपन्न हुई।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: मिर्जापुर छानबे ब्लाक मुख्यालय विजयपुर के सभा कक्ष में मंगलवार को आयोजित जल जीवन मिशन की बैठक भारी हंगामे के बीच संपन्न हुई। पेयजल संकट और निर्माण कार्यों की बदहाली को लेकर ग्राम प्रधानों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रधानों ने साफ कहा कि गर्मी की शुरुआत में ही लगभग 70 प्रतिशत आबादी पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। बैठक में बीडीओ रामपाल ने दावा किया कि छानबे ब्लाक के 255 राजस्व गांवों में 42 ओवरहेड टैंकों के जरिए जलापूर्ति की जा रही है, लेकिन इस दावे को प्रधानों ने सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना था कि कागजों में व्यवस्था ठीक दिख रही है, जबकि जमीनी हकीकत बेहद खराब है। प्रधान संघ के अध्यक्ष संतोष तिवारी ने व्यवस्था सुधार के लिए दस-दस गांवों का क्लस्टर बनाकर 48 घंटे के भीतर हर घर तक पानी पहुंचाने का सुझाव दिया। वहीं विजयपुर की प्रधान शहीदा बानों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सड़कों को तोड़कर भी पाइपलाइन का काम अधूरा छोड़ दिया गया, जिससे जनता को दोहरी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

 जल आकलन समिति की रिपोर्ट पेश न होने पर परियोजना प्रबंधक हरिओम मिश्रा को प्रधानों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। कुशहां की प्रधान पूजा देवी ने बताया कि दलित बस्ती में पिछले 20 दिनों से जलापूर्ति पूरी तरह ठप है, जिससे लोगों की स्थिति बदतर हो गई है। बैठक के दौरान नदिनी गांव के आपरेटर द्वारा प्रधानों पर लापरवाही का आरोप लगाने से माहौल और गरमा गया। इस पर प्रधानों ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आधार कार्ड जमा कराने के बावजूद आपरेटर गांवों में नजर नहीं आते। मनिकठी के प्रधान कमलेश बिंद ने कहा कि पाइपलाइन बिछाने के बाद भी नल नहीं लगाए गए हैं, जिससे योजना अधूरी पड़ी है। प्रधान संघ के उपाध्यक्ष विनोद यादव और महामंत्री शिव लखन बिंद ने कहा कि “हर घर नल योजना” जमीनी स्तर पर केवल दिखावा बनकर रह गई है और लोग आज भी पानी के लिए जूझ रहे हैं।