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झारखण्ड: दिव्यांग परिवार को बैकयार्ड पोल्ट्री से मिली आत्मनिर्भरता की राह

- Photo by : socia media

झारखण्ड  Published by: Arun Kumar Ravi , Date: 07/07/2026 06:13:27 pm Share:
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  • Published by: Arun Kumar Ravi ,
  • Date:
  • 07/07/2026 06:13:27 pm
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झारखण्ड: पलामू झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) द्वारा दिव्यांग एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में पलामू जिले के चैनपुर प्रखंड के एक दिव्यांग परिवार को स्थायी आजीविका से जोड़ने के लिए बैकयार्ड पोल्ट्री इकाई उपलब्ध कराई गई। इस पहल से परिवार को रोजगार का नया साधन मिलने के साथ आर्थिक रूप से सशक्त बनने की उम्मीद जगी है। उपायुक्त पलामू के निर्देश पर संचालित इस अभियान के तहत जेएसएलपीएस की जिला परियोजना प्रबंधक (डीपीएम) अनीता केरकेट्टा के नेतृत्व में लाभुक परिवार को मुर्गी शेड उपलब्ध कराया गया तथा देशी नस्ल की मुर्गियां दी गईं। इसके साथ ही टीम ने मुर्गियों के पालन-पोषण, टीकाकरण, बीमारी से बचाव, देखभाल और अंडा उत्पादन से संबंधित विस्तृत प्रशिक्षण भी दिया, ताकि परिवार इस आजीविका गतिविधि को सफलतापूर्वक संचालित कर नियमित आय अर्जित कर सके।

विशेषज्ञों के अनुसार बैकयार्ड पोल्ट्री ग्रामीण क्षेत्रों में कम लागत और सीमित संसाधनों के साथ शुरू किया जाने वाला प्रभावी स्वरोजगार है। इससे परिवार को अंडा उत्पादन के माध्यम से नियमित आय प्राप्त होगी। साथ ही अतिरिक्त अंडों और मुर्गियों की बिक्री से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी तथा परिवार की पोषण संबंधी आवश्यकताओं की भी पूर्ति हो सकेगी। जेएसएलपीएस ने केवल पोल्ट्री इकाई उपलब्ध कराने तक ही अपनी पहल सीमित नहीं रखी। परिवार की तत्काल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उन्हें किराना सामग्री भी उपलब्ध कराई गई, जिससे वे शुरुआती आर्थिक कठिनाइयों से उबरकर नए रोजगार की शुरुआत आसानी से कर सकें। इस अवसर पर डीपीएम अनीता केरकेट्टा ने कहा कि जेएसएलपीएस का उद्देश्य केवल सरकारी सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि दिव्यांग, गरीब और वंचित परिवारों को सम्मानजनक एवं स्थायी आजीविका से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे परिवारों की पहचान कर उन्हें विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं से जोड़ा जाएगा, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ अपना जीवनयापन कर सकें।

उन्होंने कहा कि यदि लाभार्थियों को समय पर प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और सहयोग मिले तो वे स्वयं रोजगार सृजित कर अपनी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार ला सकते हैं। इस पहल को सफल बनाने में बीपीएम वैभव कांत आदर्श, बीपीओ राजीव भारद्वाज, जिला प्रबंधक (सामाजिक विकास) प्रवीण सिंह, जिला प्रबंधक (जीविकोपार्जन) अवकेश खलको, आशुतोष तिवारी एवं पिंटू कुमार गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम ने लाभुक परिवार को पोल्ट्री प्रबंधन से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारियां भी प्रदान कीं। स्थानीय ग्रामीणों ने जेएसएलपीएस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यदि इसी प्रकार जरूरतमंद परिवारों को सरकारी योजनाओं और स्वरोजगार से जोड़ा जाता रहा, तो ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी कम होगी और आत्मनिर्भरता को नई दिशा मिलेगी।