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महाराष्ट्र: मानवाधिकार कार्यकर्ता को मिले कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मान

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महाराष्ट्र  Published by: Sushil Dinanath Singh , Date: 02/06/2026 01:22:15 pm Share:
  • महाराष्ट्र
  • Published by: Sushil Dinanath Singh ,
  • Date:
  • 02/06/2026 01:22:15 pm
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संक्षेप

महाराष्ट्र: मानवाधिकार के क्षेत्र में लगातार सक्रियता और योगदान के चलते एक प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता ने देश-विदेश में अपनी मजबूत पहचान बनाई है।

विस्तार

महाराष्ट्र: मानवाधिकार के क्षेत्र में लगातार सक्रियता और योगदान के चलते एक प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता ने देश-विदेश में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। वर्ष 2020 से शुरू हुआ यह सफर आज कई बड़े पदों और सम्मानों तक पहुंच चुका है, जो उनके कार्यों की गंभीरता और प्रभाव को दर्शाता है। बताया गया कि उन्होंने वर्ष 2020 में ह्यूमन राइट्स काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य के रूप में अपने सामाजिक जीवन की औपचारिक शुरुआत की। इसके बाद वर्ष 2021 में महाराष्ट्र के कल्याण क्षेत्र में इसी संगठन के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2022 में उन्हें ठाणे जिला, महाराष्ट्र में उपाध्यक्ष बनाया गया, जिससे उनकी सक्रियता और नेतृत्व क्षमता को और मजबूती मिली। इसी दौरान वर्ष 2022 में उन्हें यूनाइटेड नेशंस ह्यूमन राइट्स कमीशन का सदस्य नियुक्त किया गया, जो एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। आगे बढ़ते हुए वर्ष 2023 में उन्हें इसी संस्था में इंटरनेशनल वाइस प्रेसिडेंट का पद भी दिया गया।


उनकी उपलब्धियों का सिलसिला यहीं नहीं रुका। वर्ष 2024 में उन्हें वर्ल्ड ह्यूमन राइट्स प्रोटेक्शन कमीशन का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया, जिससे उनके प्रभाव और जिम्मेदारी दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। सम्मानों की बात करें तो वर्ष 2025 में उन्हें राष्ट्रीय अशोक सम्मान से नवाजा गया। वहीं 31 मार्च 2026 को उन्हें भारत गौरव रत्न सम्मान और भारत रत्न सम्मान जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया, जो उनके योगदान की उच्चतम स्तर पर सराहना का प्रतीक है। मानवाधिकार के क्षेत्र में उनकी यह उपलब्धियां न केवल समाज के लिए प्रेरणादायक हैं, बल्कि यह भी दर्शाती हैं कि निरंतर प्रयास और समर्पण से व्यक्ति वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकता है।


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