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राजस्थान: वानर की मौत से गांव में पसरा मातम, ग्रामीणों ने हिंदू रीति-रिवाज से निकाली अंतिम यात्रा

- Photo by : social media

राजस्थान  Published by: Raju Das Vairagi , Date: 24/08/2026 02:47:59 pm Share:
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  • 24/08/2026 02:47:59 pm
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संक्षेप

राजस्थान: चित्तौड़गढ़ जिले की भूपालसागर तहसील के ग्राम गाडरियावास (जाशमा) में रविवार को एक वानर की मौत के बाद ग्रामीणों ने उसे श्रद्धा और सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी।

विस्तार

राजस्थान: चित्तौड़गढ़ जिले की भूपालसागर तहसील के ग्राम गाडरियावास (जाशमा) में रविवार को एक वानर की मौत के बाद ग्रामीणों ने उसे श्रद्धा और सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। वानर के गले में संक्रमण और सूजन की समस्या बताई गई, जिसके चलते वह पिछले कुछ समय से भोजन और पानी लेने में असमर्थ था। उसकी मौत की खबर सामने आने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए। जानकारी के अनुसार, वार्ड पंच भेरू लाल गाडरी रविवार सुबह अपने नोहरे में भैंसों को चारा डालने के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने वहां एक वानर को मृत अवस्था में पड़ा देखा। उन्होंने इसकी जानकारी आसपास के ग्रामीणों को दी। मौके पर पहुंचे लोगों ने बताया कि वानर के गले में काफी सूजन और संक्रमण था। ग्रामीणों के अनुसार, इसी वजह से वह ठीक से कुछ खा-पी नहीं पा रहा था।

वानर की मौत की सूचना फैलते ही गांव में शोक का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने वानर को धार्मिक आस्था से जोड़ते हुए उसे भगवान हनुमान का स्वरूप माना और सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। इसके बाद ग्रामीणों ने शव को लाल कपड़े और गुलाल से ढककर सजाया। इसके बाद ढोल-नगाड़ों के साथ वानर की अंतिम यात्रा निकाली गई। ग्रामीण शव को पूरे गांव में लेकर गए और इस दौरान बड़ी संख्या में लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए। ग्रामीणों ने हिंदू रीति-रिवाज और धार्मिक विधि-विधान के साथ वानर का अंतिम संस्कार किया तथा उसे समाधि दी।

इस भावुक मौके पर वार्ड पंच भेरू लाल गाडरी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने कहा कि वानर को धार्मिक आस्था से जोड़कर देखा जाता है, इसलिए उसकी मृत्यु के बाद उसे इंसान की तरह सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई देना गांव की श्रद्धा और संवेदनशीलता को दर्शाता है।