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असम: तिवा लोकनृत्य और संस्कृति के संरक्षण को लेकर 350 बच्चों व युवाओं ने शुरू किया सामूहिक प्रशिक्षण

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असम  Published by: Rajib Doloi , Date: 24/08/2026 12:50:13 pm Share:
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  • Date:
  • 24/08/2026 12:50:13 pm
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संक्षेप

असम: कामरूप महानगर जिले के डिमोरिया के भाकुशी बर गांव में डिमोरिया तिवा कांथिचुरी चियामातर और ऐतिहासिक तिवा राजभाषा, लोक-नृत्य, कला-संस्कृति के संरक्षण के लक्ष्य से एक 5वीं शताब्दी के प्रथम चरण के सामूहिक रूप से अभ्यास समाप्त हुआ। 

विस्तार

असम: कामरूप महानगर जिले के डिमोरिया के भाकुशी बर गांव में डिमोरिया तिवा कांथिचुरी चियामातर और ऐतिहासिक तिवा राजभाषा, लोक-नृत्य, कला-संस्कृति के संरक्षण के लक्ष्य से एक 5वीं शताब्दी के प्रथम चरण के सामूहिक रूप से अभ्यास समाप्त हुआ। इस कार्यशाला का संचालन जारी है। कार्यक्रम का औपचारिक रूप से उद्घाटन ऐतिहासिक तिवा राजदरबार के अध्यक्ष जुर्सिंग बरदलाई ने किया। उद्घोषणा में उन्होंने कहा कि आगामी 2027 वर्ष के ऐतिहासिक जोम्बिल मॉल में इस प्लाजा में भाग लेने वाली नचनियों को अवसर प्रदान किया जाएगा, ताकि तिवा नृत्य-संस्कृति को विश्व दरबार में प्रस्तुत किया जा सके। कार्यक्रम में तिवा साहित्य सभा के कामरूप महानगर जिला समिति के पूर्व सचिव लक्ष्मीकांत देउरी, समाज सेवक भुवन देउरी, लवण पातर, मानिक बरदलाई, पुहेश्वर पेदाइ, बिनाराम बरदलाई, यत्न पातर, बिमल मिथि, दीना पातर, देबा पातर, टिप चिंग पातर, अमरावती बरदलाई, नरेन आमसी, अभिजीत पोमा, नितुमणि तारु, मुकुंद मिदि, बारिका रेनुका पातर, आकाशवाणी कलाकार सोनिया पात्र और यमुना कंवर के साथ ही कई राच्यवादी व्यक्ति उपस्थित रहते हैं।

 

मुख्य प्रशिक्षक चिंटू बरदलाई के साथ-साथ सह-प्रशिक्षक टुटुमणि कोंवर, गीतुमनि बरदलाई, बितुपन मचरंग, जिमली दरफांग, भरोसेमंद रानी कोंवर और आतिथ खराई के नेतृत्व में लगभग 350 बच्चे, युवा-युवतियां और महिलाएं भाग लेती हैं। इस कार्यशाला में तिवा लोक-नृत्य 'मोइनारी कांति मिसोवा', 'बार्ट' और तिवा राष्ट्रीय गीत का अभ्यास किया जाता है। उल्लेखनीय है कि सामानतला, निबिरा, भराकुशी-माजगांव, चारी कुरिया, बामफर, टोपाटली, कुलजारी, मिलानपुर, सेनाबार, नोवागांव और लक्षीगोग में प्रथम चरण का प्रशिक्षण विवरण के बाद अंग्रेजी 23/08/026 दिनांक रविवार से यह 3 दिव्य सामूहिक अभ्यास शुरू हुआ।