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हरियाणा: सफाई-कर्मचारियों की 12 मांगों पर सरकार की सहमति, हड़ताल खत्म करने की अपील
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संक्षेप
हरियाणा: हांसी सफाई कर्मचारियों एवं फायर कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर रविवार को डीएमसी कार्यालय में एडीसी एवं डीएमसी लक्षित सरीन की अध्यक्षता में पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया।
विस्तार
हरियाणा: हांसी सफाई कर्मचारियों एवं फायर कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर रविवार को डीएमसी कार्यालय में एडीसी एवं डीएमसी लक्षित सरीन की अध्यक्षता में पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया। पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने सरकार द्वारा कर्मचारियों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए लिए गए निर्णयों एवं सैद्धांतिक सहमति की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने सफाई कर्मचारियों से अपील की कि सरकार द्वारा उनकी अधिकांश मांगों को स्वीकार किए जाने के बाद वे हड़ताल समाप्त कर अपनी ड्यूटी पर वापस लौटें तथा शहर की सफाई व्यवस्था को सुचारू बनाने में सहयोग करें। एडीसी एवं डीएमसी लक्षित सरीन ने बताया कि नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा एवं फायर कर्मचारी यूनियन की अधिकतम मांगों पर सरकार ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए सैद्धांतिक तौर पर सहमति प्रदान की है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की 15 प्रमुख मांगों में से 12 मांगों को सरकार ने किसी न किसी रूप में स्वीकार किया है। उन्होंने बताया कि सफाई कर्मचारियों को 440 रुपये प्रतिमाह वर्दी भत्ता वेतन के साथ दिया जा रहा है। इसके अलावा समान कार्य-समान वेतन के तहत पात्र कर्मचारियों को भुगतान किया जा चुका है। कर्मचारियों की एलटीसी की मांग भी स्वीकार की गई है। उन्होंने बताया कि न्यूनतम वेतन अधिनियम के अनुसार निर्धारित न्यूनतम वेतन दिए जाने की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके साथ ही पात्र कर्मचारियों को कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) तथा कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) का लाभ दिए जाने की भी सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है। लक्षित सरीन ने बताया कि सफाई कर्मचारियों के कार्य की प्रकृति को देखते हुए उन्हें 2,000 रुपये प्रतिमाह जोखिम भत्ता दिए जाने की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा अनुकंपा सहायता राशि को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये किए जाने की भी सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों के दुर्घटना बीमा से संबंधित मांग पर भी सकारात्मक निर्णय लिया गया है। दुर्घटना में मृत्यु होने पर 50 लाख रुपये तथा स्थायी दिव्यांगता होने पर 25 लाख रुपये की बीमा राशि की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है। एडीसी एवं डीएमसी ने बताया कि नगरपालिका में कार्यरत सफाई कर्मचारियों तथा दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई)-चिरायु में शामिल करने की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है। इससे पात्र कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों के अवकाश से संबंधित मांग को भी स्वीकार किया गया है। अब 20 मेडिकल तथा 20 आकस्मिक अवकाश दिए जाने की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई है। लक्षित सरीन ने बताया कि सफाई कर्मचारियों एवं सीवरमैन की पदोन्नति से संबंधित मांग पर भी सरकार ने सकारात्मक निर्णय लिया है। क्लर्क (ग्रुप-सी) पद पर पदोन्नति के प्रावधान की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है। इससे पात्र कर्मचारियों को आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे। एडीसी एवं डीएमसी ने बताया कि सफाई कर्मचारियों की मुख्य मांगों में से एक नगरपालिका रोल पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों एवं फायर कर्मचारियों को नियमित करने से संबंधित है। इस विषय पर सरकार द्वारा कानूनी परीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार इन कर्मचारियों को हरियाणा संविदात्मक कर्मचारी (सेवा की सुनिश्चितता) अधिनियम, 2024 के दायरे में लाने के लिए तैयार है, ताकि इन्हें नियमित कर्मचारियों के लगभग समान लाभ प्राप्त हो सकें। उन्होंने बताया कि इन कर्मचारियों को 60 वर्ष तक सेवा की सुनिश्चितता देने के लिए भी सरकार तैयार है। इसके साथ ही सरकार द्वारा इनकी न्यूनतम सैलरी को पात्रता के अतिरिक्त 15 प्रतिशत अधिक करने पर भी विचार किया गया है। वर्तमान में नगरपालिका रोल पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों को 19,000 रुपये मासिक वेतन दिया जा रहा है, जिसे बढ़ाकर 21,000 रुपये मासिक करने पर विचार किया गया है। उन्होंने बताया कि उक्त अधिनियम के तहत कर्मचारियों को अन्य लाभ जैसे अर्धवार्षिक वेतन वृद्धि, डेथ-कम-रिटायरमेंट ग्रेच्युटी, मातृत्व अवकाश सुविधा तथा एक्स-ग्रेशिया के तहत वित्तीय सहायता राशि एवं एक्स-ग्रेशिया नियुक्ति आदि देने पर भी सैद्धांतिक तौर पर सहमति है। ये लाभ नियमित कर्मचारियों के लगभग समकक्ष हैं। लक्षित सरीन ने कहा कि सरकार ने सफाई एवं फायर कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक एवं सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण अपनाया है। कर्मचारियों से संबंधित लगभग सभी उचित मांगों को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने के साथ-साथ शहर की सफाई व्यवस्था को भी सुचारू बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण न केवल शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि आम नागरिकों, दुकानदारों और बाजारों में आने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जगह-जगह कचरा जमा होने से स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित होने के साथ-साथ बीमारियां फैलने की आशंका भी रहती है।एडीसी एवं डीएमसी ने कहा कि आगामी दिनों में त्योहारों का सीजन शुरू होने वाला है। रक्षाबंधन सहित अन्य त्योहारों के दौरान बाजारों एवं सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है।
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