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उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री ने की सामूहिक विवाह योजना की समीक्षा, लक्ष्य पूर्ति के दिए निर्देश
- Photo by : social media
विस्तार
उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना की प्रगति, शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने, अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों के आवेदन सुनिश्चित करने तथा लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शासन द्वारा जनपद को आवंटित लक्ष्य के अनुरूप कार्ययोजना तैयार कर पात्र जोड़ों तक योजना का लाभ पहुंचाया जाए और लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित की जाए। मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि जनपद गौतमबुद्ध नगर को योजना के तहत 40 जोड़ों का लक्ष्य मिला है। लक्ष्य पूरा करने के लिए सभी अधिशासी अधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों एवं जिला पंचायत के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर अधिक से अधिक पात्र जोड़ों के आवेदन कराने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में नवीन शासनादेश की जानकारी भी दी गई। इसके अनुसार प्रति जोड़ा उपहार सामग्री पर खर्च की राशि 25 हजार रुपये से घटाकर 21 हजार रुपये कर दी गई है। वहीं, पहले चांदी के सामान के लिए निर्धारित 4 हजार रुपये अब सीधे लाभार्थी कन्या के बैंक खाते में भेजे जाएंगे। इससे कन्या के खाते में मिलने वाली सहायता राशि 60 हजार रुपये से बढ़ाकर 64 हजार रुपये हो गई है। विवाह आयोजन के लिए 15 हजार रुपये की राशि पूर्ववत जारी रहेगी। इस प्रकार प्रति जोड़ा कुल 1 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में योजना के पोर्टल पर 7 आवेदन लंबित हैं, जिनमें नगर पंचायत दनकौर के 2, विकास खंड बिसरख के 4 और नगर पालिका परिषद दादरी का 1 आवेदन शामिल है। जिलाधिकारी ने इन सभी लंबित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र सत्यापन कर पात्र जोड़ों का विवाह संपन्न कराने तथा जनपद को आवंटित लक्ष्य को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी, तहसीलदार जेवर प्रतीक चौहान, ईओ दादरी शालिनी गुप्ता, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।