-
☰
उत्तराखंड: कांवड़ मेला-2026 की सुरक्षा तैयारियां हुई तेज, जीआरपी मुख्यालय में समन्वय बैठक हुई आयोजित
- Photo by : social media
विस्तार
उत्तराखंड: आगामी कांवड़ मेला-2026 को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जीआरपी मुख्यालय हरिद्वार में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक रेलवे उत्तराखंड सुश्री अरुणा भारती ने की। इसमें जीआरपी, आरपीएफ, सीमावर्ती जीआरपी एवं आरपीएफ, जिला पुलिस तथा रेलवे विभाग के अधिकारियों ने भाग लेकर सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की। बैठक में निर्णय लिया गया कि कांवड़ मेले के दौरान जीआरपी उत्तराखंड क्षेत्र को दो सुपर जोन, चार जोन और सात सेक्टरों में विभाजित कर सुदृढ़ पुलिस व्यवस्था लागू की जाएगी। पुलिस उपाधीक्षक रेलवे श्री अनुज को मेले का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। रेलवे फाटकों के पास, जहां से कांवड़ यात्री रेलवे ट्रैक पर प्रवेश करते हैं, वहां जिला पुलिस के समन्वय से विशेष सुरक्षा ड्यूटी लगाई जाएगी। जीआरपी, आरपीएफ और सीमावर्ती सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के लिए इंटर-स्टेट व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाएगा, ताकि छोटी से छोटी सूचना भी तुरंत साझा की जा सके। रेलवे प्रशासन से मेला स्पेशल ट्रेनों के संचालन, अतिरिक्त टिकट काउंटर, अस्थायी शौचालय, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। मेले के दौरान जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त ड्यूटी भी लगाई जाएगी। रेलवे ट्रैक पर पैदल चलने वाले कांवड़ियों को रोकने के लिए चिन्हित स्थानों पर बैरिकेडिंग की जाएगी। रेलवे स्टेशनों के प्रवेश द्वारों पर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) और हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (HHMD) से सघन जांच की जाएगी। यात्रियों और कांवड़ियों को जहरखुरानी, चोरी, चेन स्नेचिंग और साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के लिए फ्लैक्सी, साइन बोर्ड और लाउड हेलर के माध्यम से लगातार प्रचार-प्रसार किया जाएगा। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए महिला हेल्प डेस्क, चाइल्ड हेल्प डेस्क और खोया-पाया केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा रेलवे स्टेशनों पर एंबुलेंस, मेडिकल कैंप, फायर सेफ्टी, शुद्ध पेयजल और शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाएं मेले से पहले सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। रेलवे परिसर में लगे स्टॉल और ठेलों का सत्यापन तथा अग्नि सुरक्षा मानकों की जांच भी कराई जाएगी। बैठक में आरपीएफ, जीआरपी, रेलवे प्रशासन और जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया तथा कांवड़ मेला-2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सफल बनाने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।