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छत्तीसगढ़: ईंधन बचत को लेकर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का बड़ा फैसला, विभागों में घटेंगे वाहन

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छत्तीसगढ़  Published by: Prabhesh Mishra , Date: 14/05/2026 03:20:20 pm Share:
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  • 14/05/2026 03:20:20 pm
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संक्षेप

छत्तीसगढ़: रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईंधन संरक्षण, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और सादगीपूर्ण जीवनशैली अपनाने के आह्वान से प्रेरित होकर छत्तीसगढ़ सरकार में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने विभागीय स्तर पर वाहनों के उपयोग को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

विस्तार

छत्तीसगढ़: रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईंधन संरक्षण, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और सादगीपूर्ण जीवनशैली अपनाने के आह्वान से प्रेरित होकर छत्तीसगढ़ सरकार में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने विभागीय स्तर पर वाहनों के उपयोग को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। मंत्री ने विभागों में वाहनों की संख्या कम करने, अनावश्यक उपयोग पर रोक लगाने और ईंधन बचत को बढ़ावा देने के निर्देश जारी किए हैं।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने महिला एवं बाल विकास विभाग और समाज कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार को निर्देश देते हुए कहा कि विभागीय कार्यालयों में उपयोग किए जा रहे वाहनों की तत्काल समीक्षा की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल अत्यंत आवश्यक वाहनों को ही पुनः आवंटित किया जाए तथा बाकी वाहनों का उपयोग फिलहाल बंद रखा जाए। उनका उद्देश्य सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना और अनावश्यक खर्चों में कमी लाना है।

उन्होंने अपने निवास कार्यालय में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी पूल व्हीकल व्यवस्था अपनाने के निर्देश दिए हैं। इस व्यवस्था के तहत कई अधिकारी एवं कर्मचारी एक ही वाहन का उपयोग करेंगे, जिससे ईंधन की बचत के साथ-साथ वाहनों के संचालन पर होने वाला खर्च भी कम होगा। मंत्री ने कहा कि सरकारी तंत्र को संसाधनों के उपयोग में अनुशासन और मितव्ययिता का उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि वर्तमान समय में ईंधन संरक्षण केवल आर्थिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रहित से जुड़ा एक बड़ा दायित्व भी है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और सरकारी संस्थाओं को स्वयं सादगीपूर्ण जीवनशैली अपनाकर समाज को सकारात्मक संदेश देना चाहिए।

इसी क्रम में मंत्री ने सुरक्षा से जुड़ी अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों को छोड़कर पायलट वाहन, फॉलो गाड़ी एवं अन्य विशेष प्रोटोकॉल वाहनों का उपयोग नहीं करने का निर्णय भी लिया है। उनका मानना है कि इस प्रकार की पहल से सरकारी खर्चों में कमी आएगी और संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग संभव हो सकेगा। मंत्री के इस फैसले को प्रशासनिक सादगी और संसाधन संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। साथ ही यह निर्णय सरकारी विभागों में जिम्मेदार और संतुलित कार्यशैली को बढ़ावा देने वाला बताया जा रहा है।