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छत्तीसगढ़: निधि गुप्ता ने सीमित संसाधनों के बावजूद अखिल भारतीय स्तर पर 33वां रैंक किया हासिल 

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छत्तीसगढ़  Published by: Prabhesh Mishra , Date: 07/03/2026 03:34:56 pm Share:
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  • 07/03/2026 03:34:56 pm
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संक्षेप

छत्तीसगढ़: सूरजपुर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जब हम उन महिलाओं की बात करते हैं, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सपनों को जीवित रखा, तो सूरजपुर जिले की बेटी निधि गुप्ता का नाम स्वाभाविक रूप से सामने आता है।

विस्तार

छत्तीसगढ़: सूरजपुर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जब हम उन महिलाओं की बात करते हैं, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सपनों को जीवित रखा, तो सूरजपुर जिले की बेटी निधि गुप्ता का नाम स्वाभाविक रूप से सामने आता है। शासकीय विद्यालय की पढ़ाई से लेकर देश की प्रतिष्ठित परीक्षा में शीर्ष रैंक तक - उनका सफर संघर्ष, संकल्प और सफलता की एक अनूठी गाथा है। निधि की प्रारंभिक शिक्षा सूरजपुर जिले के शासकीय कन्या विद्यालय में हुई। संसाधनों की कमी एक वास्तविकता थी, पढ़ाई के दौरान कई उतार-चढ़ाव भी आए - लेकिन निधि ने कभी हौसला नहीं खोया। उनके मज़बूत इरादों के आगे हर बाधा बौनी साबित होती रही। स्नातकोत्तर की पढ़ाई के लिए उन्होंने शासकीय रेवती रमण मिश्र महाविद्यालय, सूरजपुर में प्रवेश लिया, जहाँ के प्रोफेसरों ने उनके जीवन को एक नई दिशा दी। रसायन विज्ञान के प्रोफेसर डॉ. विकेश कुमार झा का मार्गदर्शन उनके जीवन का अहम मोड़ बना।

 

उनकी प्रेरणा और दिशा-निर्देशन से निधि ने देश की अत्यंत कठिन सीएसआईआर नेट परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 33वाँ रैंक अर्जित किया और सूरजपुर का नाम राष्ट्रीय मानचित्र पर गौरव के साथ अंकित किया। निधि के शब्दों में उनकी पूरी यात्रा का सार समाया है -’’महिला दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि उन सपनों को जीने का दिन है, जो हमने खुली आँखों से देखे हैं।’’ निधि गुप्ता की यह सफलता जिले की उन तमाम बेटियों के लिए एक प्रकाश-स्तंभ है जो सीमित संसाधनों के बीच अपने सपनों को पालती हैं। उन्होंने यह साबित किया है कि शासकीय शिक्षा भी उत्कृष्टता की नींव बन सकती है - बशर्ते इरादा पक्का हो।