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हरियाणा: बिजली निजीकरण के विरोध में इनेलो का हमला, सरकार की मंशा पर उठाए सवाल
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संक्षेप
हरियाणा: इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने हरियाणा में बिजली वितरण के निजीकरण को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है।
विस्तार
हरियाणा: इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने हरियाणा में बिजली वितरण के निजीकरण को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के राष्ट्रीय संरक्षक एवं पूर्व मंत्री प्रो. संपत सिंह ने गुरुवार को चंडीगढ़ स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण का कार्य निजी कंपनियों को सौंपने की प्रक्रिया का कड़ा विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सुधार के नाम पर सरकारी संपत्ति, राजस्व और बिजली व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है। प्रो. संपत सिंह ने कहा कि दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) के कुल राजस्व का करीब 42 प्रतिशत हिस्सा अकेले गुरुग्राम से आता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब यह क्षेत्र लाभ में है और यहां लाइन लॉस भी प्रदेश के औसत से काफी कम है, तो फिर इसका निजीकरण क्यों किया जा रहा है। उनका कहना था कि घाटे वाली इकाइयों के बजाय मुनाफा देने वाले क्षेत्रों को निजी कंपनियों को सौंपना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार महज एक वर्ष पुरानी कंपनी **इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड** को हजारों करोड़ रुपये की परियोजना देने की तैयारी कर रही है। उनके अनुसार कंपनी का अनुभव और पूंजी दोनों सीमित हैं, फिर भी उसे बड़ा प्रोजेक्ट देने की प्रक्रिया पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती है। प्रेस वार्ता में प्रो. संपत सिंह ने कहा कि गुरुग्राम में स्मार्ट सिटी योजना और आरडीएसएस योजना के तहत हजारों करोड़ रुपये का सरकारी निवेश किया जा चुका है। ऐसे में इस पूरे ढांचे को निजी कंपनियों के हवाले करना जनता के हितों के खिलाफ है। उन्होंने दावा किया कि निजीकरण से रोजगार के अवसर प्रभावित होंगे, कर्मचारियों पर असर पड़ेगा और किसानों व आम उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय और बिजली अपीलीय न्यायाधिकरण के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि बिजली वितरण में समानांतर लाइसेंस जारी करते समय उपभोक्ताओं के हित और मौजूदा सरकारी निगमों की वित्तीय स्थिति का ध्यान रखा जाना चाहिए। इस दौरान इनेलो ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। प्रो. संपत सिंह ने कहा कि हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (एचईआरसी) में निजीकरण के मुद्दे पर हुई सुनवाई में इनेलो ने विस्तार से अपना पक्ष रखा, जबकि कांग्रेस का कोई प्रतिनिधि मौजूद नहीं था। उन्होंने दावा किया कि जनता के मुद्दों पर जमीनी स्तर पर संघर्ष करने का काम केवल इनेलो कर रही है। प्रेस वार्ता में इनेलो के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष आर.एस. चौधरी, पूर्व डीजीपी एम.एस. मलिक, प्रदेश प्रवक्ता सतबीर सैनी तथा पार्टी के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
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