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राजस्थान: मेघवाल समाज का बड़ा फैसला, विवाह नियमों में किया बदलाव, सामूहिक विवाह को मिलेगा बढ़ावा

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राजस्थान  Published by: Pramod Kumar Bansal , Date: 13/07/2026 11:43:35 am Share:
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  • 13/07/2026 11:43:35 am
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राजस्थान: कस्बे के टापरी रोड स्थित मेघवाल महिला छात्रावास में रविवार को मेघवाल विकास समिति की मासिक बैठक एवं सामूहिक विवाह परिचय सम्मेलन का आयोजन किया गया। समिति अध्यक्ष मदनलाल वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में समाज सुधार, सामूहिक विवाह को बढ़ावा देने और विवाह संबंधी नियमों को सरल बनाने सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। बैठक में समाज में लंबे समय से चली आ रही एक कुप्रथा को समाप्त करने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया। पहले जिस गांव में लड़की का विवाह हो चुका होता था, वहां लड़के का विवाह नहीं किया जाता था और जिस गांव में लड़के का विवाह हुआ होता था, वहां लड़की का रिश्ता नहीं किया जाता था। समिति ने इस प्रतिबंध को समाप्त कर दिया है। अब ऐसे गांवों में भी विवाह संबंध किए जा सकेंगे, बशर्ते दोनों परिवारों के गोत्र अलग-अलग हों।

इसके अलावा विवाह संबंधों को आसान बनाने के उद्देश्य से गोत्र संबंधी नियमों में भी बदलाव किया गया। पहले विवाह के लिए चार गोत्रों का ध्यान रखा जाता था, लेकिन अब नानी का गोत्र हटाकर केवल तीन गोत्रों को ही वर्जित माना जाएगा। समिति का मानना है कि इस निर्णय से योग्य युवक-युवतियों के लिए विवाह के अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे और रिश्ते तय करने में आसानी होगी। बैठक के साथ आयोजित युवक-युवती परिचय सम्मेलन में समाज के सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। इच्छुक परिवारों को आवेदन पत्र वितरित किए गए, जिन्हें अगले पांच दिनों तक मेघवाल महिला छात्रावास कार्यालय में जमा कराया जा सकेगा। मुख्य अतिथि डॉ. रणजीत मेहरानिया ने समाज के लोगों से सामूहिक विवाह सम्मेलन में तन, मन और धन से सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह से अनावश्यक खर्च और दहेज प्रथा पर रोक लगेगी तथा बचाए गए धन का उपयोग बच्चों की शिक्षा और समाज के विकास में किया जा सकेगा।

बैठक में महिला छात्रावास में पत्थर लगवाने के लिए पूर्व की भांति टुकड़ियां बनाकर कार्य कराने का भी निर्णय लिया गया। कार्यक्रम के अंत में जिलाध्यक्ष एडवोकेट सुबेसिंह मोरोड़िया ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन चिरंजीलाल आर्य ने किया। इस अवसर पर आर.एस. झांझरिया, रतिराम जिलोवा, हरिपाल, डॉ. डी.आर. रैवाला, रामसिंह मैनेजर, बदलूराम, रामनिवास, छोटूराम सामरिया, प्रकाश, ओमप्रकाश, गिर्राज, जयराम, रमेशचंद्र सोठवाल, उमराव सरपंच, जगदीश मेघवाल, सागर सरपंच, कृष्ण, संजय कुमार, बलवीर वर्मा, ताराचंद्र, जीतराम, अमीरचंद, सुरेश कुमार, कैलाश चंद्र सहित समाज के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


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