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राजस्थान: मुआवजे को लेकर तीन दिन चला विवाद, आखिरकार बनी सहमति

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राजस्थान  Published by: Pramod Kumar Bansal , Date: 11/07/2026 11:00:10 am Share:
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  • 11/07/2026 11:00:10 am
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राजस्थान: कोटपूतली जिले के हरसौरा थाना क्षेत्र में 765 केवी हाईटेंशन विद्युत लाईन परियोजना में कार्यरत एक प्रवासी मजदूर की मृत्यु के बाद मुआवजे व कंपनी की कथित लापरवाही को लेकर विवाद खड़ा हो गया। मजदूर बच्छराज (26) पुत्र मनिराखन निवासी सिंधुतारा, जरौली, फतेहपुर, उत्तर प्रदेश की कार्य के दौरान तबीयत बिगड़ने के बाद उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिजनों व साथी मजदूरों ने कंपनी पर संवेदनहीनता और जिम्मेदारी से बचने का आरोप लगाया। प्राप्त जानकारी के अनुसार हरसौरा क्षेत्र में ट्रांस रेल लाईटिंग लिमिटेड के अधीन 765 केवी हाईटेंशन लाईन बिछाने का कार्य चल रहा था। 

बुधवार दोपहर कार्य के दौरान बच्छराज की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह अचेत होकर गिर पड़ा। साथी मजदूर उसे तत्काल हरसौरा अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद राजकीय बीडीएम जिला अस्पताल कोटपूतली रैफर किया गया। जिला अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के साथी मजदूरों का आरोप है कि घटना के बाद उन्होंने कंपनी के अधिकारियों से संपर्क कर मदद मांगी, लेकिन उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। उनका कहना है कि कंपनी अधिकारियों ने इसे प्राकृतिक मृत्यु बताते हुए किसी प्रकार की जिम्मेदारी लेने से इंकार कर दिया। बताया गया कि मृतक का शव करीब 03 दिन तक जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखा रहा। इस दौरान मुआवजे और अन्य मांगों को लेकर गतिरोध बना रहा। बाद में कांग्रेस एससी विभाग जिलाध्यक्ष व पूर्व पार्षद तारा पूतली, पूर्व सरपंच संतोष गुर्जर, राजेश बागड़ी सहित कई जनप्रतिनिधि व सामाजिक लोग जिला अस्पताल पहुंचे तथा प्रशासन व कंपनी अधिकारियों से वार्ता की। 

हरसौरा थानाधिकारी जनमेजाराम की मौजूदगी में हुई वार्ता के बाद कंपनी की ओर से मृतक के परिजनों को 01.50 लाख रुपये आर्थिक सहायता तथा अंतिम संस्कार का खर्च वहन करने पर सहमति बनी। विरोध के बाद परिजनों के आवागमन और एम्बुलेंस खर्च को लेकर भी सहमति बनने की जानकारी सामने आई। मृतक अपने पीछे पत्नी तथा दो छोटे बच्चों को छोड़ गया है। घटना के बाद परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है। वहीं साथी मजदूरों ने कंपनी पर लगभग 17 लाख रुपये की बकाया मजदूरी का भुगतान नहीं करने का भी आरोप लगाया और इस संबंध में उचित कार्यवाही की मांग की। मजदूर संगठनों एवं स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्यवाही तथा मृतक परिवार को उचित मुआवजा और सभी वैधानिक श्रम अधिकार उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच नियमानुसार की जायेगी और तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्यवाही की जायेगी।


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