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उत्तर प्रदेश: फर्जी कंपनियां बनाकर साइबर ठगी करने वाले गैंग का हुआ भंडाफोड़, तीन आरोपी हुए गिरफ्तार

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उत्तर प्रदेश  Published by: Yogendra Kumar , Date: 23/05/2026 12:20:21 pm Share:
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  • 23/05/2026 12:20:21 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: नॉएडा में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी कंपनियों के जरिए साइबर ठगी का नेटवर्क चलाने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: नॉएडा में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी कंपनियों के जरिए साइबर ठगी का नेटवर्क चलाने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए सेक्टर-44 नोएडा से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अविनाश झा पुत्र मिथलेश झा, हिमांशु कुमार पुत्र मदन प्रसाद यादव और जितेंद्र दहिया उर्फ आशू पुत्र विजय कुमार के रूप में हुई है। तीनों आरोपी दिल्ली के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किए गए पांच मोबाइल फोन, 2800 रुपये नकद, एक मोहर और विभिन्न महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी कंपनियां बनाकर उनके नाम से विभिन्न बैंकों में करंट अकाउंट खुलवाते थे। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी और ऑनलाइन धोखाधड़ी से प्राप्त रकम को जमा करने तथा उसे अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर वैध दिखाने के लिए किया जाता था।

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे लंबे समय से इस अवैध नेटवर्क को संचालित कर रहे थे। पुलिस जांच में इन बैंक खातों में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है। अधिकारियों का कहना है कि यह गैंग साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराता था, जिनका उपयोग ऑनलाइन फ्रॉड, निवेश ठगी, फर्जी ट्रेडिंग और अन्य साइबर अपराधों में किया जाता था। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर, पंजाब समेत कई राज्यों में साइबर धोखाधड़ी से संबंधित शिकायतें पहले से दर्ज हैं। मामले में थाना साइबर क्राइम गौतमबुद्धनगर में बीएनएस और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। साइबर क्राइम पुलिस ने आम लोगों से सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने नाम से बैंक खाता, फर्म या कंपनी रजिस्टर न कराएं। अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, यूपीआई पिन और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या अनजान ऐप डाउनलोड करने से बचें। पुलिस ने कहा कि साइबर धोखाधड़ी होने की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।