Contact for Advertisement 9919916171


उत्तर प्रदेश: अवैध प्लाटिंग हुआ ध्वस्त, जीडीए ने करी सख्त कार्रवाई 

- Photo by : SOCIAL MEDIA

उत्तर प्रदेश  Published by: Omprakash Tiwari , Date: 27/02/2026 01:56:41 pm Share:
  • उत्तर प्रदेश
  • Published by: Omprakash Tiwari ,
  • Date:
  • 27/02/2026 01:56:41 pm
Share:

संक्षेप

उत्तर प्रदेश: गोरखपुर में अवैध निर्माण और अनियमित प्लाटिंग के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। जीडीए के उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन के निर्देश पर मोतीराम अड्डा क्षेत्र में रेलवे लाइन के किनारे विकसित की जा रही एक बड़े पैमाने की अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया गया।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: गोरखपुर में अवैध निर्माण और अनियमित प्लाटिंग के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। जीडीए के उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन के निर्देश पर मोतीराम अड्डा क्षेत्र में रेलवे लाइन के किनारे विकसित की जा रही एक बड़े पैमाने की अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया गया। ‘स्वर्णिम पैराडाइज इंफ्रा प्रा. लि.’ के नाम से हो रही थी प्लाटिंग जानकारी के अनुसार, यह अवैध कॉलोनी ‘स्वर्णिम पैराडाइज इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम से विकसित की जा रही थी। आरोप है कि बिना मानचित्र स्वीकृति और आवश्यक वैधानिक अनुमति के भूखंडों की कटान कर प्लॉटों की बिक्री की तैयारी की जा रही थी। प्राधिकरण को मिली शिकायतों में कहा गया था कि किसानों की कृषि भूमि को अवैध रूप से प्लॉटिंग कर आवासीय भूखंडों में बदला जा रहा है। जबकि इसके लिए न तो जीडीए से लेआउट स्वीकृत कराया गया था और न ही सड़क, नाली, जल निकासी जैसी बुनियादी सुविधाओं की कोई अनुमति ली गई थी।

 

भारी पुलिस बल की मौजूदगी में चला ध्वस्तीकरण अभियान। कार्रवाई के दौरान अधिशासी अभियंता प्रवीण गुप्ता, सहायक अभियंता, अवर अभियंता सहित प्रवर्तन टीम मौके पर मौजूद रही। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन द्वारा नामित मजिस्ट्रेट, क्षेत्रीय पुलिस बल और पीएसी बल की तैनाती की गई थी। जेसीबी मशीनों की मदद से अवैध रूप से बनाई गई सड़कों, बाउंड्रीवाल और अन्य अस्थायी ढांचों को ध्वस्त कर दिया गया। जीडीए अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिना स्वीकृत मानचित्र या लेआउट वाली किसी भी परियोजना में निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है। आम नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी जमीन या प्लॉट की खरीद से पहले जीडीए कार्यालय या आधिकारिक पोर्टल पर उसकी वैधता अवश्य जांच लें। प्राधिकरण ने संकेत दिया है कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में संचालित अन्य अवैध कॉलोनियों की सूची तैयार की जा रही है। जांच के बाद नियम विरुद्ध पाए जाने वाले निर्माण और प्लाटिंग पर इसी तरह की कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गोरखपुर में तेजी से हो रहे शहरी विस्तार के बीच जीडीए की यह कार्रवाई अवैध निर्माण और भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखी जा रही है।