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उत्तर प्रदेश: अंबेडकर जयंती पर देशभर में आयोजन, समानता व सामाजिक न्याय का संदेश

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उत्तर प्रदेश  Published by: Suraj Maurya , Date: 14/04/2026 12:55:32 pm Share:
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  • 14/04/2026 12:55:32 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: मंगलवार को पूरे देश में भारत रत्न, संविधान निर्माता एवं महान समाज सुधारक डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जा रही है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: मंगलवार को पूरे देश में भारत रत्न, संविधान निर्माता एवं महान समाज सुधारक डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जा रही है। यह दिन न केवल उनके जन्म (14 अप्रैल 1891, महू) की स्मृति का प्रतीक है, बल्कि समानता, सामाजिक न्याय और शिक्षा के प्रति उनके आजीवन समर्पण का उत्सव भी है। डॉ. अंबेडकर को “भारतीय संविधान का जनक” कहा जाता है। उन्होंने अपना पूरा जीवन शोषित, वंचित, दलित, महिलाओं और श्रमिक वर्ग के अधिकारों के लिए संघर्ष करते हुए समाज को नई दिशा दी। उन्होंने जात-पात, ऊंच-नीच और छुआछूत जैसी कुरीतियों के खिलाफ सशक्त आवाज उठाई और सामाजिक समरसता की नींव मजबूत की।

 जीवन और संघर्ष की प्रेरक गाथा

मध्य प्रदेश के महू में जन्मे बाबा साहेब ने बचपन से ही भेदभाव और कठिनाइयों का सामना किया, लेकिन उन्होंने शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया। कोलंबिया विश्वविद्यालय और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से उच्च शिक्षा प्राप्त कर उन्होंने देश-विदेश में अपनी विद्वता का परचम लहराया। उन्होंने वर्ष 1923 में “बहिष्कृत हितकारिणी सभा” की स्थापना कर वंचित वर्गों के उत्थान का मार्ग प्रशस्त किया और “शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो” का अमर संदेश दिया। उनके आर्थिक विचारों ने भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।

 देशभर में विविध आयोजन

अंबेडकर जयंती के अवसर पर संसद परिसर, स्कूलों, कॉलेजों और सामुदायिक केंद्रों में श्रद्धांजलि सभाएं, रैलियां, गोष्ठियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। वाराणसी, लखनऊ, दिल्ली सहित विभिन्न शहरों में प्रभात फेरी, शोभायात्राएं और सामाजिक कार्यक्रमों की धूम है। लोग बाबा साहेब की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन कर रहे हैं और उनके विचारों को आत्मसात।