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 उत्तर प्रदेश: हाईकोर्ट के आदेश पर शुरू हुई प्रक्रिया, 15 दिनों में शैक्षणिक दस्तावेज और दो नोटरी शपथ पत्र जमा करने के निर्देश

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उत्तर प्रदेश  Published by: Rajput Ranjeet , Date: 05/11/2026 10:42:59 am Share:
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  • 05/11/2026 10:42:59 am
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: बहराइच जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत करीब 6200 शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की जांच अब स्पेशल टास्क फोर्स (STF) करेगी। हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में शासन स्तर से यह प्रक्रिया शुरू की गई है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: बहराइच जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत करीब 6200 शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की जांच अब स्पेशल टास्क फोर्स (STF) करेगी। हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में शासन स्तर से यह प्रक्रिया शुरू की गई है। इस कार्रवाई का उद्देश्य शिक्षकों की नियुक्ति में इस्तेमाल किए गए शैक्षणिक दस्तावेजों की सत्यता की जांच करना और फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी पाने वालों की पहचान करना है।

इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत शिक्षकों को 15 दिनों के भीतर अपने सभी शैक्षणिक अभिलेख संबंधित कार्यालय में जमा कराने होंगे। इनमें हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक, बीएड, बीटीसी, डीएलएड तथा टीईटी/सीटीईटी के अंकपत्र और प्रमाणपत्र शामिल हैं। इसके साथ ही शिक्षकों को दो नोटरी शपथ पत्र भी जमा करने होंगे।

निर्धारित समय सीमा में प्राप्त होने वाले सभी दस्तावेज बीएसए कार्यालय के माध्यम से शासन को भेजे जाएंगे। इसके बाद शासन स्तर से अभिलेख एसटीएफ को उपलब्ध कराए जाएंगे। एसटीएफ संबंधित शिक्षा बोर्डों और विश्वविद्यालयों से सीधे प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराएगी, ताकि दस्तावेजों की वास्तविकता की पुष्टि की जा सके।

जांच में यदि किसी शिक्षक के शैक्षणिक अभिलेख फर्जी या जाली पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें सेवा समाप्ति, एफआईआर दर्ज कराने और पूर्व में प्राप्त वेतन की वसूली जैसी कार्रवाई शामिल हो सकती है।

वहीं, इस प्रक्रिया को लेकर कुछ शिक्षक संगठनों ने असंतोष जताया है। उनका कहना है कि शिक्षकों का शैक्षणिक विवरण पहले से ही मानव संपदा पोर्टल पर उपलब्ध है। इसके बावजूद दोबारा दस्तावेज जमा करने और नोटरी शपथ पत्र बनवाने के लिए शिक्षकों को तहसीलों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। एसटीएफ की इस जांच से जिले के शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है। अब सभी की नजरें दस्तावेजों के सत्यापन और जांच के नतीजों पर टिकी हैं।