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उत्तर प्रदेश: स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर विशेष वैक्सीनेशन ड्राइव, छूटे बच्चों को लगेगा टीका
 

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उत्तर प्रदेश  Published by: Pramod Kumar Bansal , Date: 06/08/2026 11:00:12 am Share:
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  • 06/08/2026 11:00:12 am
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: क्षेत्र के बच्चों को गंभीर बीमारियों से बचाने और उनके सुरक्षित भविष्य के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक बड़ा कदम उठाया गया है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: क्षेत्र के बच्चों को गंभीर बीमारियों से बचाने और उनके सुरक्षित भविष्य के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक बड़ा कदम उठाया गया है। जिले के सभी राजकीय, निजी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर 05 अगस्त से 10 अगस्त तक विशेष टीकाकरण अभियान का शंखनाद कर दिया गया है। इस अभियान का सीधा उद्देश्य 16 वर्ष तक के छूटे हुए बच्चों को चिन्हित कर उन्हें डिप्थीरिया, टिटनेस, काली खांसी, खसरा और रुबेला जैसी घातक संक्रामक बीमारियों के खिलाफ प्रतिरक्षित करना है।

CMHO डॉ. आशीष सिंह शेखावत ने दी सख्त हिदायत : मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष सिंह शेखावत ने अभियान की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा कोई भी बच्चा टीके की खुराक से वंचित नहीं रहना चाहिए। स्वस्थ बच्चा ही एक सुरक्षित और सशक्त राष्ट्र की पहचान है। डॉ. शेखावत ने फील्ड स्टाफ, एएनएम और आशा सहयोगिनियों को निर्देशित किया है कि वे शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए हर एक स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र पर सघन मॉनिटरिंग करें। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न देकर अपने बच्चों का समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करवाएं।

RCHO डॉ. अरविंद अग्रवाल ने तैयार किया मजबूत एक्शन प्लान : अभियान के तकनीकी व व्यावहारिक क्रियान्वयन को लेकर प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरविंद अग्रवाल ने बताया कि इस 06 दिवसीय विशेष अभियान के लिए एक बेहद मजबूत और माइक्रो-लेवल एक्शन प्लान तैयार किया गया है। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि जो बच्चे नियमित स्कूल नहीं जाते या किसी कारणवश ड्रॉपआउट हैं, उन्हें आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से कवर किया जा रहा है। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं और छूटे हुए बच्चों के माता-पिता को प्रेरित कर केंद्रों तक ला रही हैं। दैनिक प्रगति रिपोर्ट को पारदर्शी बनाए रखने के लिए डिजिटल यू-विन पोर्टल पर हर सत्र की लाइव एंट्री की जा रही है। जिला नोडल अधिकारी रविकांत जांगिड़ ने बताया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में शत-प्रतिशत कवरेज के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्कूल स्तर पर प्रार्थना सभाओं में भी बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जा रहा है, जिससे वे अपने अभिभावकों को इस अभियान के बारे में बता सकें।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम : चिकित्सा विभाग ने सुरक्षा मानकों का भी पूरा ध्यान रखा है। CMHO डॉ. शेखावत ने बताया कि प्रत्येक टीकाकरण सत्र और केंद्र पर आवश्यक जीवन रक्षक दवाएं तथा एनाफाइलेक्सिस किट अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई गई है। किसी भी बच्चे को टीके के बाद सामान्य शिकायत होने पर तुरंत सहायता देने के लिए त्वरित रिस्पांस टीमें (रैपिड रिस्पांस टीम) मुस्तैद रहेंगी। प्रशासन ने सभी निजी व सरकारी शिक्षण संस्थाओं के प्राचार्यों को निर्देश जारी कर स्वास्थ्य कर्मियों का पूर्ण सहयोग करने की अपील की है।


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