Contact for Advertisement 9919916171


उत्तर प्रदेश: राहुल सांकृत्यायन जयंती पर श्रद्धांजलि, विचारों को किया गया याद
 

- Photo by : social media

उत्तर प्रदेश  Published by: Amarjeet Yadav , Date: 09/04/2026 03:40:33 pm Share:
  • उत्तर प्रदेश
  • Published by: Amarjeet Yadav ,
  • Date:
  • 09/04/2026 03:40:33 pm
Share:

संक्षेप

उत्तर प्रदेश: दिन गुरुवार को हिंदी साहित्य के अमर सपूत स्वतंत्रता संग्राम सेनानी महापंडित राहुल सांकृत्यायन जी की जयंती के अवसर पर उनके नैनिहाल पन्दहा में स्थापित प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: दिन गुरुवार को हिंदी साहित्य के अमर सपूत स्वतंत्रता संग्राम सेनानी महापंडित राहुल सांकृत्यायन जी की जयंती के अवसर पर उनके नैनिहाल पन्दहा में स्थापित प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। राष्ट्रीय पहलवान अमरजीत यादव ने कहा कि हमारे देश में महापंडित राहुल सांकृत्यायन जी ऐसे लेखक कहानीकार एवं साहित्यकार थे की 19 वी शदी में ही 22 वी शदी नामक किताब प्रकाशित किया  और आज उसका अध्ययन करने वाले लोग यह सोचने के लिए मजबूर हो जाते हैं की इतने दूरदर्शी व्यक्ति का जीवन कितना संघर्ष भरा रहा राहुल जी ने अथवो घुमक्कड़ जिग्यासु बोल्गा से गंगा आदि लगभग सैकड़ों  कृतियों की रचना किए अमरजीत यादव ने कहा कि राहुल जी की बहुत सी रचनाएं तिब्बती फारसी आदि भाषाओं में है, जिनका संग्रहालय पटना में स्थित है अभी तक उनका हिन्दी अनुवाद भी पूरा नहीं हुआ। भारत के किसी भी विश्वविद्यालय में राहुल जी को स्थान नहीं मिला जबकि श्रीलंका और सोवियत संघ ने विशेष निवेदन करके उन्हें आदर और सम्मान के साथ अपने विश्वविद्यालयों में पढ़ाने के लिए बुलाया इनकी कृतियां विदेशों में अपनाई जाती है।

 

हिन्द साहित्य के साथ ही इन्होंने हमेशा पूंजीवाद मुर्दाबाद तथा समाजवाद जिंदाबाद के पैरोकार थे राहुल जी अपने जीवन में हमेशा गरीब मजदूर किसान तथा शोषित वर्ग के साथ खड़े रहे राहुल जी का मानना था कि जितना जितना ही बड़ा संघर्ष करेंगे। उतनी बड़ी सफलता मिलेगी राहुल जी ने एक लगभग 500 पृष्ठों का ऐसा ग्रन्थ लिखा जिसमें भारत श्रीलंका वर्मा इण्डोनेशिया हिन्द चीन अफगानिस्तान मध्य एशिया तिब्बत मंगोलिया कोरिया जापान आदि क्षेत्रों में फल फूल रही बौद्ध संस्कृति का परिचय दिया है। अमरजीत यादव ने कहा कि आजमगढ़ में एक ऐसा संग्रहालय होना चाहिए जहां पर राहुल सांकृत्यायन अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध श्यामनरायण मिश्र कैफी आजमी अल्लामा शिब्ली नोमानी जैसे तमाम साहित्यकारों की कृतियों का संग्रह हो जिसका नई पिढिया अनुसरण कर सकें।  इस अवसर पर राधेश्याम पाठक अरविंद यादव डा आदित्य सिंह रामप्रवेश चंद्रशेखर मिथिलेश संतोष आदि लोग उपस्थित रहे।