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गुजरात: वाल्मीकि समाज के समरसता सम्मेलन में एकता व जल संरक्षण पर दिया गया जोर

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गुजरात  Published by: Chaudhari Rajubhai Venabhai , Date: 15/06/2026 01:42:52 pm Share:
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  • Published by: Chaudhari Rajubhai Venabhai ,
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संक्षेप

गुजरात: लवाणा गांव में वाल्मीकि समाज द्वारा सामाजिक भोज के साथ समरसता सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया।

विस्तार

गुजरात: लवाणा गांव में वाल्मीकि समाज द्वारा सामाजिक भोज के साथ समरसता सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन, संत, बुजुर्ग एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस अवसर पर पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ नेता शंकरभाई चौधरी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शंकरभाई चौधरी ने कहा कि किसी भी समाज की असली पहचान उसके संस्कारों और संस्कृति से होती है। उन्होंने कहा कि धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन समाज में एकता, भाईचारा और सद्भावना को मजबूत करते हैं। आने वाली पीढ़ियों तक परंपराओं और मूल्यों को सुरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है।

उन्होंने समाज के सर्वांगीण विकास के लिए संगठन और आपसी सहयोग को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के आशीर्वाद और संतों के मार्गदर्शन से ही एक मजबूत और आदर्श समाज का निर्माण संभव है। समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने से विकास के नए अवसर प्राप्त होते हैं। इस दौरान उन्होंने जल संरक्षण पर विशेष बल देते हुए किसानों से पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई पद्धति पर 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है, जिसका लाभ उठाकर किसान जल बचत के साथ बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।

शंकरभाई चौधरी ने कहा कि जल संरक्षण और सामूहिक प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य धरोहर साबित होंगे। उन्होंने शिक्षा, सामाजिक एकता और सहयोग को विकास की कुंजी बताया। कार्यक्रम के अंत में सामुदायिक भोज का आयोजन किया गया, जिसमें सभी ने आपसी सौहार्द और भाईचारे के साथ भाग लिया। पूरा आयोजन भक्तिमय और सामाजिक एकता के संदेश के साथ संपन्न हुआ।