-
☰
मध्य प्रदेश: वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई समीक्षा बैठक, लंबित प्रकरणों पर कलेक्टर हुए सख्त
- Photo by : social media
संक्षेप
मध्य प्रदेश: शहडोल में 23 मई 2026 को कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व शिविर आयोजित कर राजस्व प्रकरणों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
विस्तार
मध्य प्रदेश: शहडोल में 23 मई 2026 को कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व शिविर आयोजित कर राजस्व प्रकरणों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन ग्रामों में राजस्व संबंधी शिकायतें एवं प्रकरण अधिक हैं, वहां संबंधित अधिकारी स्वयं उपस्थित होकर समस्याओं का समाधान करें। यह निर्देश उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक में दिए। कलेक्टर ने सभी तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों को नियमित रूप से न्यायालय में बैठकर प्रकरणों का गुण-दोष के आधार पर निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक माह दर्ज होने वाले नए प्रकरणों से अधिक मामलों का निराकरण किया जाए, ताकि पुराने लंबित प्रकरणों का बैकलॉग कम हो सके। बैठक में 2 से 5 वर्ष तक लंबित राजस्व प्रकरणों की न्यायालयवार समीक्षा करते हुए प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने के निर्देश दिए गए। शासकीय भूमि पर अतिक्रमण से संबंधित प्रकरणों का 15 दिवस के भीतर निराकरण करने तथा आरबीसी 6-4 के मामलों में प्रभावित परिवारों को 7 दिवस के भीतर राहत राशि स्वीकृत करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने नामांतरण, बंटवारा एवं सीमांकन प्रकरणों के निराकरण के लिए शासन द्वारा निर्धारित समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने को कहा। फार्मर रजिस्ट्री की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक तहसील में प्रतिदिन कम से कम 500 फार्मर रजिस्ट्री की जाए तथा बड़ी तहसीलों में इससे अधिक कार्य सुनिश्चित किया जाए। भू-अर्जन प्रकरणों की समीक्षा के दौरान संबंधित एसडीएम को मुआवजा वितरण की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। वहीं सीएम हेल्पलाइन में 100 दिवस से अधिक समय से लंबित शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए संबंधित राजस्व निरीक्षक एवं पटवारियों की जवाबदेही तय करने को कहा गया। रिकॉर्ड सुधार संबंधी प्रकरणों का निराकरण भी 15 दिवस के भीतर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में जनगणना कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए प्रथम चरण का कार्य 25 मई तक पूर्ण करने के निर्देश संबंधित चार्ज अधिकारियों को दिए गए। साथ ही अनुकंपा नियुक्ति, विभागीय जांच एवं न्यायालयीन प्रकरणों की भी समीक्षा की गई।सामान्यतः राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक प्रत्यक्ष रूप से आयोजित की जाती है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा ईंधन बचत के दिए गए निर्देशों के पालन में यह समीक्षा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में अपर कलेक्टर सरोधन सिंह, एसडीएम सोहागपुर अमृता गर्ग, डिप्टी कलेक्टर अन्तोनिआ एक्का एवं अर्चना मिश्रा उपस्थित रहीं।
मध्य प्रदेश: थाने पहुंचे एसपी, रिकॉर्ड से लेकर सुरक्षा व्यवस्थाओं तक की बारीकी से जांच
गुजरात: दर्द से उम्मीद तक, महिलाओं का भरोसा बना सपोर्ट सेंटर
उत्तर प्रदेश: मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं और बालिकाओं को किया गया जागरूक
हरियाणा: 22 लाख रुपये की लागत से गली निर्माण कार्य हुआ शुरू, लोगों को मिलेगा बेहतर आवागमन
राजस्थान: पानी की समस्या को लेकर महिलाओं का फूटा गुस्सा, सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी