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गुजरात: महंगाई, बेरोजगारी और सरकारी नीतियों पर घिरी सरकार, विपक्ष ने खोला मोर्चा

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गुजरात  Published by: Rajput Ranjeet , Date: 23/07/2026 05:35:01 pm Share:
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  • 23/07/2026 05:35:01 pm
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संक्षेप

गुजरात: महंगाई बेरोजगारी और सरकारी नीतियों को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र और राज्य सरकारों पर हमलावर है।

विस्तार

गुजरात: महंगाई बेरोजगारी और सरकारी नीतियों को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र और राज्य सरकारों पर हमलावर है। विपक्ष का आरोप है कि गलत आर्थिक फैसलों और नीतियों के कारण देश में महंगाई बेकाबू हो गई है और युवाओं के बीच बेरोजगारी का संकट गहराता जा रहा है।विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे प्रमुख मुद्दे और आपत्तियां इस प्रकार हैं:बेरोजगारी का संकट: विपक्ष का दावा है कि शिक्षित युवाओं को पर्याप्त रोजगार नहीं मिल रहा है, जिससे बेरोजगारी की दर काफी बढ़ गई है।बढ़ती महंगाई: आम आदमी की रसोई के बजट, खाद्य पदार्थों, और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हो रही वृद्धि को लेकर सरकार को घेरा जा रहा है।

 

सरकारी नीतियां और कृषि संकट: सरकार की आर्थिक, औद्योगिक और कृषि नीतियों पर सवाल उठाते हुए विपक्ष का आरोप है कि इससे आम जनता और किसानों को भारी नुकसान हो रहा है।सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग: विपक्ष यह भी आरोप लगाता है कि इन जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने वालों को डराने के लिए केंद्रीय एजेंसियों (जैसे ईडी और सीबीआई) का इस्तेमाल किया जा रहा है।जंतर-मंतर आंदोलन के प्रमुख अपडेट्स:आंदोलन की मुख्य माँगें: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, मृत छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा, और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कोई कानूनी कार्रवाई न करना शामिल है। सोनम वांगचुक का अनशन: कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल जारी है और स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, फिर भी वे अपनी मांग पर डटे हुए हैं।विपक्ष का समर्थन: कांग्रेस, सपा, और आप सहित तमाम विपक्षी दलों के नेता प्रदर्शनकारियों और अनशनकारियों का समर्थन कर रहे हैं।बढ़ता तनाव: संसद के मानसून सत्र के दौरान सुरक्षा सख्त कर दी गई है, और प्रदर्शनकारियों व सुरक्षा बलों के बीच टकराव के कारण कई मेट्रो स्टेशन भी बंद करने पड़े हैं।सरकारी रुख: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामलों को लेकर फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए सख्त सजा सुनिश्चित करने की बात कही है।