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राजस्थान: विकसित भारत-विकसित राजस्थान” कार्यक्रम में अकबर खान सम्मानित, हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल बने

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राजस्थान  Published by: Shahihurehman , Date: 01/07/2026 05:34:20 pm Share:
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  • 01/07/2026 05:34:20 pm
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संक्षेप

राजस्थान: टोंक शहर के एक निजी होटल में आयोजित “विकसित भारत-विकसित राजस्थान” कार्यक्रम के दौरान सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की मिसाल पेश करने वाले अकबर खान को सम्मानित किया गया।

विस्तार

राजस्थान: टोंक शहर के एक निजी होटल में आयोजित “विकसित भारत-विकसित राजस्थान” कार्यक्रम के दौरान सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की मिसाल पेश करने वाले अकबर खान को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया गया, जिसमें अकबर खान का नाम विशेष चर्चा का विषय बना रहा। कार्यक्रम के दौरान हवामहल विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक स्वामी बालमुकुंद आचार्य ने अकबर खान को सम्मानित किया। जैसे ही उनका नाम मंच पर पुकारा गया, कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों में से किसी ने आवाज लगाई कि “यह वही अकबर खान हैं जिन्होंने टोंक में हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल कायम करते हुए शिव मंदिर बनवाया है।” यह सुनकर विधायक स्वामी बालमुकुंद आचार्य भी कुछ क्षणों के लिए अचंभित रह गए और उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “वेरी गुड।”

इसके बाद स्वामी बालमुकुंद आचार्य ने कार्यक्रम में मौजूद महिला बोर्ड की अध्यक्ष से भी अकबर खान का परिचय करवाया। उन्होंने कहा कि “मैडम, यह टोंक के अकबर खान हैं, जिन्होंने शिव मंदिर बनवाकर समाज में भाईचारे और सौहार्द का संदेश दिया है।” कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ अकबर खान का स्वागत किया और उनके कार्य की सराहना की। सम्मान प्राप्त करने के बाद अकबर खान ने कहा कि भारत प्रेम, भाईचारे और आपसी सद्भाव का देश है। उन्होंने कहा कि समाज में नफरत फैलाने वाली बातों से बचना चाहिए और सभी धर्मों के लोगों को मिल-जुलकर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की असली ताकत उसकी विविधता और एकता में है।

अकबर खान ने कहा कि उन्होंने हमेशा समाज में प्रेम और सौहार्द बढ़ाने का प्रयास किया है और आगे भी इसी दिशा में कार्य करते रहेंगे। उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि वे धर्म और जाति से ऊपर उठकर इंसानियत को प्राथमिकता दें और समाज में शांति तथा भाईचारे का वातावरण बनाए रखें। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने अकबर खान के इस प्रयास को सामाजिक एकता का मजबूत संदेश बताते हुए कहा कि आज के समय में ऐसे उदाहरण समाज के लिए प्रेरणादायक हैं। कार्यक्रम का समापन आपसी सौहार्द और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ हुआ।