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राजस्थान: वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध कोयले से भरा वाहन किया जब्त
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संक्षेप
राजस्थान: टोंक वन विभाग ने अवैध रूप से कोयले के परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक वाहन को जब्त किया है।
विस्तार
राजस्थान: टोंक वन विभाग ने अवैध रूप से कोयले के परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक वाहन को जब्त किया है। यह कार्रवाई गुरुवार को वन पाल नाका सोहेला की टीम द्वारा क्षेत्रीय वन अधिकारी के निर्देशन में की गई। विभाग की इस कार्रवाई से अवैध वन उत्पादों के कारोबार में लगे लोगों में हड़कंप मच गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार वन विभाग की टीम को क्षेत्र में अवैध कोयले के परिवहन की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर टीम ने निगरानी बढ़ाते हुए बरोनी थाना क्षेत्र के आगे संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की। इसी दौरान एक वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली गई। जांच के दौरान वाहन में बड़ी मात्रा में कोयला पाया गया, जिसके परिवहन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। दस्तावेजों की जांच और पूछताछ के बाद वन विभाग ने प्रथम दृष्टया परिवहन को अवैध मानते हुए वाहन को जब्त कर लिया। विभागीय अधिकारियों ने वाहन को अपने कब्जे में लेकर रेंज कार्यालय परिसर में खड़ा करवाया है। मामले में वन अधिनियम एवं संबंधित नियमों के तहत अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी गई है। कार्रवाई का नेतृत्व रेंजर अभिषेक भटनागर ने किया। उनके साथ वन नाका प्रभारी रामवतार, वन रक्षक आशीष चौधरी, जगदीश गुर्जर तथा वन विभाग की अन्य टीम भी मौजूद रही। अधिकारियों ने पूरे अभियान को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया, जिससे बिना किसी बाधा के वाहन को जब्त किया जा सका। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में अवैध कटाई, अवैध कोयला निर्माण और वन उत्पादों के अवैध परिवहन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। विभाग को जहां भी ऐसी गतिविधियों की सूचना मिलती है, वहां तत्काल कार्रवाई की जाती है। अधिकारियों ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण और वन संपदा की सुरक्षा के लिए इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे। स्थानीय लोगों ने भी वन विभाग की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए ऐसे अभियान समय-समय पर चलाए जाने चाहिए। इससे वन संपदा की सुरक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध कोयला परिवहन, वन उत्पादों की तस्करी या जंगलों से जुड़ी किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तुरंत विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर पर्यावरण और वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों पर अंकुश लगाया जा सके।
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