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मध्य प्रदेश: महाविद्यालय की बदहाल व्यवस्था और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर छात्रों में  में दिखा भारी आक्रोश

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मध्य प्रदेश  Published by: Durgesh Kumar Gupta , Date: 28/05/2026 11:01:34 am Share:
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  • 28/05/2026 11:01:34 am
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: क्षेत्र के एक महाविद्यालय की बदहाल व्यवस्था और कथित भ्रष्टाचार को लेकर छात्रों एवं स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।

विस्तार

मध्य प्रदेश: क्षेत्र के एक महाविद्यालय की बदहाल व्यवस्था और कथित भ्रष्टाचार को लेकर छात्रों एवं स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। लगभग 3200 छात्र-छात्राओं वाले इस महाविद्यालय में अधिकांश विद्यार्थी ग्रामीण क्षेत्र के गरीब मजदूर और किसान परिवारों से आते हैं, जो बेहतर शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद लेकर यहां अध्ययन करने पहुंचते हैं। लेकिन महाविद्यालय की मौजूदा स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि भीषण गर्मी के बीच छात्रों की परीक्षाएं चल रही हैं, लेकिन अधिकांश सीलिंग फैन खराब पड़े हुए हैं। महाविद्यालय में लगे फ्रीजर भी बंद हैं और सुरक्षा के लिए लगाए गए कैमरे भी अधिकतर समय बंद रहते हैं। छात्रों का कहना है कि बिना पंखों के गर्मी में परीक्षा देना अत्यंत कठिन हो रहा है, बावजूद इसके व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं किया जा रहा।

इसी बीच महाविद्यालय प्रशासन पर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि पीएम ऊषा मद के करीब 5 करोड़ रुपए में से केवल 2 करोड़ रुपए भवन निर्माण में खर्च किए गए, जबकि शेष राशि में गड़बड़ी की गई। इसके अलावा जनभागीदारी मद में 20 लाख, खनिज मद में 37 लाख, खेल विभाग एवं संस्कृत विभाग में 15 लाख तथा विवेकानंद करियर योजना में 5 लाख रुपए के कथित गबन के आरोप लगाए गए हैं। आरोपों में यह भी कहा गया है कि महाविद्यालय के प्राचार्य और एक सेवानिवृत्त मुख्य लिपिक पर वित्तीय गड़बड़ियों में संलिप्त होने का संदेह है। छात्रों और स्थानीय लोगों का दावा है कि कई बार पीएम ऊषा मद की डीपीआर, जनभागीदारी मद का आय-व्यय विवरण और अन्य जानकारी मांगी गई, लेकिन अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई। छात्रों और अभिभावकों ने जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाए, ताकि छात्रों का शिक्षा व्यवस्था और महाविद्यालय के प्रति विश्वास बना रहे।