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मध्य प्रदेश: कोविड सेंटर में लाखों की चोरी का 24 घंटे में हुआ खुलासा, दो आरोपी हुए गिरफ्तार

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मध्य प्रदेश  Published by: Ashok Mahule , Date: 03/07/2026 03:37:21 pm Share:
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  • 03/07/2026 03:37:21 pm
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: बालाघाट कोतवाली पुलिस ने कोविड सेंटर में हुई लाखों रुपये की चोरी का महज 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

विस्तार

मध्य प्रदेश: बालाघाट कोतवाली पुलिस ने कोविड सेंटर में हुई लाखों रुपये की चोरी का महज 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी गया पूरा सामान भी बरामद कर लिया है। इस कार्रवाई को बालाघाट पुलिस की त्वरित और प्रभावी कार्यशैली के रूप में देखा जा रहा है। जानकारी के अनुसार, फरियादी विनोद कुमार कामड़े, जो सीएमएचओ कार्यालय बालाघाट में फार्मासिस्ट ग्रेड-01 के पद पर कार्यरत हैं, ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 24 जून 2026 की रात अज्ञात चोरों ने गवर्नमेंट आईटीआई के पीछे स्थित कोविड सेंटर परिसर में पीछे के लोहे के गेट का ताला तोड़कर प्रवेश किया और वहां रखे सरकारी सामान की चोरी कर ली।

चोरी गए सामान में 28 नए बी-टाइप छोटे सिलेंडर, एक नया एसी (इंडोर और आउटडोर यूनिट सहित) तथा एक एलईडी टीवी शामिल थी। चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब 1.50 लाख रुपये बताई गई। मामले में कोतवाली थाने में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कोतवाली पुलिस ने तत्काल एक विशेष टीम गठित की। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से संदिग्धों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने घेराबंदी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान समीर पिता शकील अली (25 वर्ष), निवासी वार्ड नंबर-1 बालाघाट, तथा दामोदर प्रसाद पिता परमानंद पाठक (54 वर्ष), निवासी वार्ड नंबर-8 मारा मरारी मोहल्ला, बालाघाट के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी गया पूरा सामान बरामद कर लिया है। बरामद सामग्री में 28 बी-टाइप छोटे सिलेंडर, एक एसी यूनिट और एक एलईडी टीवी शामिल है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले के खुलासे में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक सतेंद्र सिंह भदौरिया, सहायक उपनिरीक्षक रमेश राऊत, प्रधान आरक्षक गजेंद्र माटे और आरक्षक प्रियंक श्रीवास की महत्वपूर्ण भूमिका रही।