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गुजरात: बारिश की कमी से किसानों और पशुपालकों की बढ़ी चिंता, बांधों में भी घटा जलस्तर

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गुजरात  Published by: Maheshwari Kanjibhai Naranbhai , Date: 09/09/2026 03:54:46 pm Share:
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संक्षेप

गुजरात: कच्छ जिले में बारिश की कमी के चलते एक बार फिर सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं।

विस्तार

गुजरात: कच्छ जिले में बारिश की कमी के चलते एक बार फिर सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। पर्याप्त बारिश नहीं होने से जहां खेतों में खड़ी खरीफ फसल सूखने की स्थिति में पहुंच गई है, वहीं लाखों पशुओं के लिए पानी और चारे की व्यवस्था को लेकर भी किसानों और पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, कच्छ में करीब 6.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई की गई है। इनमें से लगभग 4.82 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खड़ी फसल बारिश की कमी के कारण संकट में बताई जा रही है। कच्छ में बड़ी संख्या में किसान बारिश आधारित खेती पर निर्भर हैं। ऐसे में समय पर पर्याप्त बारिश नहीं होने से फसल को बचाना मुश्किल होता जा रहा है।

 पशुपालन पर भी संकट

बारिश की कमी का असर केवल खेती तक सीमित नहीं है। कच्छ में करीब 21 लाख पशुओं के लिए पूरे साल पानी और चारे की उपलब्धता को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। यदि बारिश में और देरी होती है तो पशुपालकों के सामने गंभीर परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं।

सिंचाई बांधों में भी कम पानी

जलस्रोतों की स्थिति भी चिंता बढ़ाने वाली है। कच्छ की 19 मध्यम सिंचाई परियोजनाओं में कुल क्षमता का केवल करीब 19 प्रतिशत पानी उपलब्ध बताया गया है। इन बांधों की कुल जल संग्रहण क्षमता 276.19 मिलियन घन मीटर है, जबकि वर्तमान में करीब 54.21 मिलियन घन मीटर पानी ही उपलब्ध है।

वहीं, 170 छोटी सिंचाई योजनाओं में भी जलस्तर काफी कम है। इनमें कुल क्षमता का महज 13.30 प्रतिशत पानी उपलब्ध बताया गया है। बारिश की कमी के बीच किसानों और पशुपालकों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। वर्ष 2018 में भी कच्छ में सितंबर महीने में सूखा घोषित किया गया था। अब एक बार फिर सूखे जैसे हालात बनने से लोगों की नजर सरकार की ओर है। किसान और पशुपालक उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार जल्द ही स्थिति का आकलन कर राहत और सहायता से जुड़े ठोस कदम उठाएगी।