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हरियाणा: पराली प्रबंधन योजना का ड्रा संपन्न, 109 किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों का मिलेगा लाभ
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संक्षेप
हरियाणा: हांसी कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, हांसी द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन को बढ़ावा देने तथा किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों के माध्यम से पराली प्रबंधन के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से फसल अवशेष प्रबंधन स्कीम के अंतर्गत लाभार्थियों के चयन के लिए ड्रा का आयोजन किया गया।
विस्तार
हरियाणा: हांसी कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, हांसी द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन को बढ़ावा देने तथा किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों के माध्यम से पराली प्रबंधन के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से फसल अवशेष प्रबंधन स्कीम के अंतर्गत लाभार्थियों के चयन के लिए ड्रा का आयोजन किया गया। ड्रा की प्रक्रिया अतिरिक्त उपायुक्त श्री लक्षित सरीन की अध्यक्षता में संपन्न हुई। फसल अवशेष प्रबंधन स्कीम के तहत कृषि यंत्रों पर निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार किसानों का चयन करने के लिए प्राप्त आवेदनों में से पारदर्शी तरीके से ड्रा निकाला गया। इस प्रक्रिया के दौरान सुपर सीडर मशीन के लिए प्राप्त कुल 596 आवेदनों में से 102 लाभार्थियों का चयन किया गया। इसी प्रकार बेलर मशीन के लिए प्राप्त 44 आवेदनों में से 7 लाभार्थियों का चयन किया गया। इस प्रकार दोनों कृषि यंत्रों के लिए कुल 109 किसानों का चयन किया गया है। विभाग की ओर से बताया गया कि योजना के तहत निर्धारित लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए कुल लक्ष्य के 30 प्रतिशत आवेदकों को प्रतीक्षा सूची में भी रखा गया है। इससे चयनित लाभार्थियों में से किसी के द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत लाभ प्राप्त न करने की स्थिति में प्रतीक्षा सूची में शामिल पात्र आवेदकों को नियमानुसार अवसर प्रदान किया जा सकेगा। पराली प्रबंधन के लिए आधुनिक कृषि यंत्रों को बढ़ावा अतिरिक्त उपायुक्त लक्षित सरीन ने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन के लिए आधुनिक कृषि यंत्र किसानों के लिए बेहद उपयोगी हैं। इन यंत्रों के माध्यम से किसान फसल अवशेषों का खेत में ही उचित प्रबंधन कर सकते हैं, जिससे पराली जलाने की आवश्यकता कम होगी और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ भूमि की उर्वरा शक्ति को बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि किसानों को फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन के लिए उपलब्ध सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए। कृषि विभाग द्वारा किसानों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए भी निरंतर जागरूक किया जा रहा है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने किसानों से अपील की कि वे फसल अवशेषों को जलाने के बजाय सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे आधुनिक कृषि यंत्रों एवं वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग करते हुए उनका उचित प्रबंधन करें। इससे पर्यावरण प्रदूषण को कम करने के साथ-साथ खेत की मिट्टी में जैविक तत्वों की उपलब्धता बनाए रखने में भी सहायता मिलेगी। पारदर्शी प्रक्रिया से हुआ लाभार्थियों का चयन सहायक कृषि अभियंता गोपीराम सांगवान ने बताया कि लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया निर्धारित नियमों एवं योजना के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पारदर्शी तरीके से पूरी की गई। ड्रा प्रक्रिया के दौरान संबंधित विभागीय अधिकारी, कमेटी के सदस्य एवं किसान मौजूद रहे।
इस अवसर पर जिला स्तरीय कार्यकारी कमेटी के सदस्य, कृषि विज्ञान केंद्र से सीनियर कोऑर्डिनेटर डॉ. नरेन्द्र, एसडीओ डॉ रविंद्र, सहायक कृषि अभियंता गोपीराम सांगवान, एलडीएम पीएनबी राजेश जिंदल सहित किसान उपस्थित रहे।