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मध्य प्रदेश: वन भूमि पर कब्जे का मामला गरमाया, गौशाला निर्माण के लिए कार्रवाई की मांग
- Photo by : social media
संक्षेप
मध्य प्रदेश: रतलाम जिले के बाजना क्षेत्र की ग्राम पंचायत घोड़ाखेड़ा में वन भूमि पर कथित कब्जे का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
विस्तार
मध्य प्रदेश: रतलाम जिले के बाजना क्षेत्र की ग्राम पंचायत घोड़ाखेड़ा में वन भूमि पर कथित कब्जे का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार, वर्ष 2005 से वन भूमि पर कब्जे को लेकर विवाद चला आ रहा है। मामले में संबंधित भूमि के दस्तावेजों, खातों और रसीदों का हवाला देते हुए प्रशासन से पूरे प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है। बताया जा रहा है कि विवादित भूमि से संबंधित कुछ दस्तावेजों में अलग-अलग नाम दर्ज होने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, भूमि के रिकॉर्ड में कुसुमबाई, लीलाबाई और मीराबाई सहित अन्य नामों का उल्लेख होने की जानकारी है। पिता के नाम के संबंध में भी नरसिंह अमलियार का उल्लेख किया गया है। हालांकि, भूमि के वास्तविक स्वामित्व और रिकॉर्ड की स्थिति स्पष्ट करने के लिए राजस्व एवं वन विभाग के दस्तावेजों की आधिकारिक जांच आवश्यक है। मामले में पंकज तोलिया, लाल, मुकेश तथा गवजी तोलिया समेत कुछ लोगों के नाम भी स्थानीय स्तर पर चर्चा में बताए जा रहे हैं। हालांकि, इन लोगों की भूमिका और आरोपों की पुष्टि संबंधित प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। इसी बीच क्षेत्र में गौशाला निर्माण को लेकर भी पहल किए जाने की जानकारी सामने आई है। बताया गया कि विधायक कमलेश्वर डोडियार के समक्ष वन भूमि से जुड़े मामले और गौशाला निर्माण के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया गया था। पंचायत एवं सरपंच स्तर से भी इस दिशा में कार्रवाई की मांग की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्ष 2005 से चले आ रहे विवाद का स्थायी समाधान होना जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित भूमि की सीमांकन प्रक्रिया कराकर राजस्व एवं वन अभिलेखों की जांच की जाए। यदि जांच में वन भूमि पर अवैध कब्जे की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मामले में जल्द कार्रवाई करने और भूमि को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है, ताकि लंबे समय से चले आ रहे विवाद का समाधान हो सके।