-
☰
उत्तर प्रदेश: IGRS शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर सख्ती, 11 बिजली अभियंताओं का वेतन रोकने के निर्देश
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: प्रयागराज आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और शिकायतकर्ताओं से उचित संवाद नहीं करने को लेकर जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: प्रयागराज आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और शिकायतकर्ताओं से उचित संवाद नहीं करने को लेकर जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है। शुक्रवार को संगम सभागार में हुई समीक्षा बैठक के दौरान विद्युत विभाग के 11 अधिशासी अभियंताओं के अगस्त माह का वेतन रोकने और तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए। समीक्षा के दौरान सामने आया कि विद्युत विभाग से संबंधित कई शिकायतों के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ताओं ने असंतोष जताया था। इसके अलावा कुछ मामले निर्धारित समय में निस्तारित नहीं हुए और कई शिकायतकर्ताओं से समाधान से पहले संपर्क भी नहीं किया गया। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जाहिर करते हुए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। जिन अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं, उनमें विद्युत विभाग के खंड-1, खंड-2, करैलाबाग, टैगोर टाउन, नैनी, बमरौली, म्यौहाल, रामबाग, फाफामऊ, मेजा और हंडिया के अधिशासी अभियंता शामिल हैं। बैठक में समाज कल्याण विभाग, कृषि विभाग, जल निगम और प्रांतीय खंड सहित कुछ अन्य विभागों में भी शिकायतों के निस्तारण के बाद असंतुष्ट फीडबैक मिलने की स्थिति सामने आई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से भी स्पष्टीकरण मांगा है। शिकायतकर्ता से संवाद जरूरी जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आईजीआरएस पर आने वाली शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता के तौर पर न किया जाए। शिकायत पर कार्रवाई से पहले संबंधित व्यक्ति से बातचीत कर उसकी समस्या को समझना और समाधान के बाद उसकी संतुष्टि का वास्तविक आकलन करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सभी शिकायतों का निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारण किया जाए। किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लंबित शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित कर पोर्टल पर समय से रिपोर्ट अपलोड करने के निर्देश भी दिए गए। डीएम ने अधिकारियों से यह भी कहा कि बार-बार सामने आने वाली शिकायतों के मूल कारणों की पहचान कर उनका स्थायी समाधान किया जाए, ताकि एक ही समस्या को लेकर लोगों को बार-बार शिकायत दर्ज न करनी पड़े। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, अपर जिलाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
मध्य प्रदेश: बिठली स्वास्थ्य केंद्र में बढ़ेंगी सुविधाएं, मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने दिए निर्देश
मध्य प्रदेश: वन भूमि पर कब्जे का मामला गरमाया, गौशाला निर्माण के लिए कार्रवाई की मांग
हरियाणा: ग्रामीण सड़कों को मिलेगी नई रफ्तार, हांसी में 3.5 करोड़ की परियोजनाओं का शुभारंभ
हरियाणा: पराली प्रबंधन योजना का ड्रा संपन्न, 109 किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों का मिलेगा लाभ