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Love Jihad Case: फर्जी नाम से संपर्क कर युवती को फंसाया, वीडियो बनाकर किया ब्लैकमेल
- Photo by : social media
संक्षेप
दिल्ली: दिल्ली के जामिया नगर क्षेत्र से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली खबर सामने आ रही है, जहाँ एक दलित युवती को एक मुस्लिम युवक ने पहले तो हिन्दू बनकर प्यार के झांसे में फंसाया, जिसके बाद उसे बंधक बनाकर गैंगरेप कर अपनी हैवानियत का शिकार बनाया गया।
विस्तार
दिल्ली: दिल्ली के जामिया नगर क्षेत्र से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली खबर सामने आ रही है, जहाँ एक दलित युवती को एक मुस्लिम युवक ने पहले तो हिन्दू बनकर प्यार के झांसे में फंसाया, जिसके बाद उसे बंधक बनाकर गैंगरेप कर अपनी हैवानियत का शिकार बनाया गया। इन हैवानों का मन इतने में ही नहीं भरा वह लोग उस मासूम का जबरन धर्म परिवर्तन करने के लिए और उसका धर्मभरष्ट करने के लिए उस पर खून और मांस फेका करते थे। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर चार आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। जानिए पूरी खबर विस्तार में। बंधक बनाने के बाद हुई हैवानियत के सारी हदें पार जानकारी के मुताबिक एक जामिया नगर क्षेत्र की एक 23 साल की दलित युवती को बंधक बनाकर गैंगरेप किया और जबरन धर्म परिवर्तन के लिए भी उस पर कई अत्याचार किए। इस पूरी साजिश और दरिंदगी का मास्टरमाइंड फहीम नाम का एक अवैध हथियारों का सप्लायर है, जिसने सोशल मीडिया पर खुद को हिंदू बताकर युवती को अपने जाल में फंसाया था। आरोपी ने पीड़िता को डारने के लिए उस पर खून और मास फेका ताकि वह अपनी आखरी उम्मीद भी खो दे और वह उसका आसानी से धर्मपरिवर्तन करा सके। इंस्टाग्राम में हुई थी आरोपी से मुलाकात पीड़िता के अनुसार, वर्ष 2021 में उसकी मुलाकात इंस्टाग्राम पर साहिल नाम के एक युवक से हुई थी। आरोपी ने फर्जी पहचान बनाकर खुद को हिंदू परिवार बताया और धीरे-धीरे युवती को अपने झांसे में फ़साने लगा। दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और आरोपी ने शादी का वादा भी किया। वर्ष 2022 में उसने युवती को दिल्ली के बाटला हाउस इलाके में बुलाया, जहां पहुंचने पर युवती को पता चला कि साहिल का असली नाम फहीम है। आरोप है कि इसके बाद फहीम और उसके साथियों ने युवती को जबरन रोककर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। शिकायत में पीड़िता ने बताया कि आरोपी अवैध हथियारों की तस्करी से जुड़े हुए हैं और लंबे समय तक उसका मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न करते रहे। उसे डराने के लिए शरीर पर जानवरों का खून लगाया जाता था और मांस के टुकड़े फेंके जाते थे। आरोप है कि तस्लीम नामक एक मौलवी ने भी उसे प्रताड़ित किया और जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की दी थी धमकी पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसका आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया था। दिल्ली के अलावा उसे मेरठ ले जाकर भी दुष्कर्म किया गया। विरोध करने पर उसकी मासूम बेटी को जान से मारने की धमकी दी जाती थी। बेटी की सुरक्षा के डर से वह करीब दो वर्षों तक चुप रही। मामले में नया मोड़ तब आया जब वर्ष 2025 में गुरुग्राम पुलिस ने मुख्य आरोपी फहीम को एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसके मोबाइल फोन से पीड़िता के वीडियो और तस्वीरें बरामद कीं। पीड़िता को जब भरोसा हुआ कि वीडियो लीक नहीं होंगे, तब उसने हिम्मत जुटाकर दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के कार्रवाई साउथ ईस्ट दिल्ली के डीसीपी हेमंत तिवारी के अनुसार, 14 मई 2026 को जामिया नगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई। शिकायत में फहीम, खुर्शीद, जैद, अजीम, तालीम और नफीस समेत कई लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि एक आरोपी फिलहाल मेरठ जेल में बंद है, जिसे प्रोडक्शन वारंट के जरिए दिल्ली लाने की तैयारी की जा रही है।