-
☰
उत्तर प्रदेश: पंचायत भवन की डिजिटल लाइब्रेरी में तोड़फोड़, वाई-फाई सिस्टम और वाहनों को पहुंचाया नुकसान
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: महोबा कबरई ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत मझलवारा में पंचायत भवन परिसर में बनाई गई डिजिटल लाइब्रेरी में तोड़फोड़ किए जाने का मामला सामने आया है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: महोबा कबरई ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत मझलवारा में पंचायत भवन परिसर में बनाई गई डिजिटल लाइब्रेरी में तोड़फोड़ किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों के अनुसार रविवार शाम कुछ दबंग और असामाजिक तत्वों ने लाइब्रेरी परिसर में पहुंचकर जमकर तोड़फोड़ की। घटना के समय लाइब्रेरी में कुछ छात्र-छात्राएं डिजिटल माध्यम से पढ़ाई कर रहे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि लाइब्रेरी में पढ़ाई के लिए लगाए गए वाई-फाई सिस्टम को तोड़ दिया गया। इसके अलावा पंचायत भवन परिसर में खड़े वाहनों पर भी पत्थरबाजी कर उन्हें नुकसान पहुंचाया गया। घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की व्यवस्था की गई है। इन लाइब्रेरियों के माध्यम से गांव के छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के लिए डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ऐसे में लाइब्रेरी में तोड़फोड़ की घटना से विद्यार्थियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की यह पहली घटना नहीं है। आरोप है कि कुछ समय पहले पंचायत में बनाए गए पार्क की तार वाली बाउंड्री को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। इसके साथ ही छोटे बच्चों के खेलने के लिए लगाए गए उपकरणों को भी उखाड़कर फेंक दिया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व की घटनाओं में शिकायत किए जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते तोड़फोड़ करने वालों के हौसले बढ़ते गए। अब डिजिटल लाइब्रेरी में हुई घटना के बाद ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी महोबा से मांग की है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही पंचायत भवन, डिजिटल लाइब्रेरी और पार्क जैसी सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि विद्यार्थियों और ग्रामीणों को सरकारी सुविधाओं का लाभ निर्बाध रूप से मिलता रहे।