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मध्य प्रदेश: सरकारी कर्मचारियों के नाम खुला संदेश, ईमानदार और जवाबदेह प्रशासन का किया आह्वान

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मध्य प्रदेश  Published by: Kamal Patni , Date: 11/07/2026 01:11:33 pm Share:
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  • 11/07/2026 01:11:33 pm
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मध्य प्रदेश: सरकारी सेवा में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों से ईमानदारी, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने की अपील करते हुए सामाजिक चिंतक कमल पाटनी ने एक खुला संदेश जारी किया है। इस संदेश में उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और संवैधानिक जिम्मेदारी का दायित्व है। उन्होंने अधिकारियों को याद दिलाया कि पद और अधिकार अस्थायी होते हैं, जबकि व्यक्ति के कर्म और चरित्र ही उसकी स्थायी पहचान बनते हैं।कमल पाटनी ने अपने संदेश में कहा कि किसी भी अधिकारी के हस्ताक्षर से किसी नागरिक का काम पूरा होता है, किसी को न्याय मिलता है और कई परिवारों का भविष्य प्रभावित होता है। ऐसे में प्रत्येक सरकारी कर्मचारी का निर्णय केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व भी होता है। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा में कार्यरत प्रत्येक अधिकारी को यह समझना चाहिए कि एक दिन वह भी सेवानिवृत्त होकर सामान्य नागरिक की तरह सरकारी कार्यालयों में अपने अधिकारों के लिए जाएगा।

उन्होंने कहा कि यदि आज किसी नागरिक या सेवानिवृत्त कर्मचारी को उसके वैध कार्य के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, फाइलें रोकी जाती हैं या भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ता है, तो भविष्य में वही परिस्थितियां किसी भी अधिकारी के सामने भी आ सकती हैं। इसलिए प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक संवेदनशील, पारदर्शी और जनहितकारी बनाने की आवश्यकता है। अपने संदेश में कमल पाटनी ने अधिकारियों और कर्मचारियों से वैध कार्यों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने, नागरिकों को अनावश्यक रूप से परेशान न करने तथा रिश्वत जैसी कुप्रथाओं से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि ईमानदारी केवल कानूनी दायित्व नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी भी है। यदि प्रशासन निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से कार्य करेगा तो जनता का विश्वास और मजबूत होगा तथा सुशासन की अवधारणा वास्तविक रूप में साकार हो सकेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास में अनेक ऐसे उदाहरण मिलते हैं, जहां प्रभावशाली पदों पर रहे अधिकारियों को सेवानिवृत्ति के बाद अपने ही वैध अधिकारों के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़े। ऐसे अनुभव यह बताते हैं कि एक संवेदनशील और जवाबदेह प्रशासन की आवश्यकता हमेशा बनी रहती है। अपने संदेश के अंत में कमल पाटनी ने अधिकारियों और कर्मचारियों से ऐसी प्रशासनिक संस्कृति विकसित करने का आह्वान किया, जहां नागरिकों को अपने वैध अधिकार प्राप्त करने के लिए लोकायुक्त, न्यायालय या किसी प्रकार के भ्रष्टाचार का सहारा न लेना पड़े। उन्होंने कहा कि समाज में स्थायी सम्मान वही अधिकारी प्राप्त करते हैं, जो अपने पद का उपयोग जनसेवा, ईमानदारी और न्यायपूर्ण कार्यशैली के लिए करते हैं।