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उत्तर प्रदेश: खेल सुविधाओं एवं संसाधनों के अभाव में दर-दर भटक रहे ग्रामीण क्षेत्र के खेल व खिलाड़ी - अमरजीत यादव
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: हमारे देश में ज्यादा जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्र में निवास करती हैं लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा स्वास्थ्य सुरक्षा व खेल की सुविधाओं एवं संसाधनों का भारी अभाव बना रहता है भगत सिंह खेल अकादमी निजामाबाद राष्ट्रीय पहलवान अमरजीत यादव ने कहा कि खेल की दुनिया में अपने देश व तिरंगे के सम्मान में सबसे बड़ा समर्पण व त्याग हांकीं के जादूगर मेजर ध्यानचंद जी का नाम सबसे ऊपर आता है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: हमारे देश में ज्यादा जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्र में निवास करती हैं लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा स्वास्थ्य सुरक्षा व खेल की सुविधाओं एवं संसाधनों का भारी अभाव बना रहता है भगत सिंह खेल अकादमी निजामाबाद राष्ट्रीय पहलवान अमरजीत यादव ने कहा कि खेल की दुनिया में अपने देश व तिरंगे के सम्मान में सबसे बड़ा समर्पण व त्याग हांकीं के जादूगर मेजर ध्यानचंद जी का नाम सबसे ऊपर आता है। एक सामान्य से परिवार में पैदा होकर गुलामी के दौरान भी अपने अदम्य साहस व खेल प्रतिभा के बल पर देश को ओलंपिक में मेडल दिलाकर देश का गौरव बढ़ाने वाले मेजर ध्यानचंद जी को अभी तक जो सम्मान मिलना चाहिए वह नहीं मिला देश में बहुत सारी बातें केवल न्यूज चैनल समाचार पत्रों तथा राज नेताओं के भाषणों में खूब चलती है, लेकिन अगर इनको धरातल पर उतरना हो तो जो लोग हमेशा शोर मचाने का काम करते हैं। उनकी भी रूह कांप जाती है जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण है कि देश में लगभग 85/ आवादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती हैं मेजर ध्यानचंद जी के जन्मदिन को हमारे देश में राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है लेकिन आज तक कभी मेजर साहब को भारत रत्न तक नहीं मिला ध्यान चन्द जी के सपनों का भारत तब तक नहीं दिखेगा। जब तक ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ियों को कुश्ती कबड्डी एथलेटिक्स हांकी वालीवाल आदि खेलों को आगे बढ़ाकर ग्रामीण क्षेत्र के बालक एवं बालिकाओं को खेल की दुनिया में जिला मण्डल राज्य राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक खेलने के लिए समस्त सुविधा एवं संसाधन उपलब्ध नहीं हो जाते तब तक मेजर साहब के सपनों के भारत की झलक नहीं दिखाई देगी ऐसी स्थिति में सिर्फ मेजर ध्यानचंद जी एवं हांकी खेल का ही अपमान नहीं बल्कि पूरे देश के समस्त खेल खिलाड़ी और खेल प्रेमियों का अपमान है। भगत सिंह खेल अकादमी संस्थापक पहलवान अमरजीत यादव ने कहा कि हमारे देश में जो सुविधाएं ओलंपिक एशियन एवं राष्ट्र मण्डल से आने के बाद जो धन वर्षा होती है उसी के द्वारा ग्रामीण अंचलों से खिलाड़ियों को निखारने और आगे बढ़ाने के सुविधा एवं संसाधन लगाकर खिलाड़ी तैयार किया जाए तो हमारे देश में प्रतिभाओं की कमी नहीं है सिर्फ कमी है। उसे पहचानने और निखारने की भगत सिंह खेल अकादमी संचालक अमरजीत यादव ने कहा कि भगत सिंह खेल अकादमी के समस्त सदस्यों ने यह संकल्प लिया है कि आजमगढ़ में हर ब्लाक में खेल खिलाड़ी संकल्प जागरूकता अभियान के द्वारा भगत सिंह खेल अकादमी से जोड़कर बालकों के बराबर ही बालिकाओं को भी अवसर उपलब्ध कराकर देश के सम्मान एवं बिकास में अपना योगदान सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा अमरजीत यादव ने कहा कि खेल से जुड़ने के बाद खिलाड़ियों के अंदर अनुशासन एवं नैतिकता के विकास के साथ देश भक्ति एवं स्वाभिमान का बिकास होता है। समस्त खिलाड़ियों खेल प्रेमियों को मेजर ध्यानचंद जी को उचित सम्मान दिलाने के लिए भारत रत्न मिलना चाहिए अगर भारत रत्न नहीं मिलता है तो समस्त खिलाड़ी एवं खेल प्रेमी आंदोलन की रणनीति के लिए बाध्य होंगे भारत में खेल को बढ़ावा देने के लिए हर गांव में खेल मैदान तथा खेल संसाधन का होना अति आवश्यक है।
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