Contact for Advertisement 9919916171


Delhi Crime News: दिल्ली को दहलाने की कोशिश हुई नाकाम, सभी आरोपी हुए गिरफ्तार 

- Photo by : social media

दिल्ली,शिखा पांडेय  Published by: , Date: 21/04/2026 05:00:33 pm Share:
  • दिल्ली,शिखा पांडेय
  • Published by: ,
  • Date:
  • 21/04/2026 05:00:33 pm
Share:

संक्षेप

दिल्ली: भारत की राजधानी दिल्ली को उड़ाने की कोशिश हुई नाकाम। एक बार फिर दिल्ली पुलिस की बड़ी सफलता सामने आ रही है, जहाँ दिल्ली पुलिस ने समय रहते एक बड़ी आतंकी साजिश को विफल कर दिया है।

विस्तार

दिल्ली: भारत की राजधानी दिल्ली को उड़ाने की कोशिश हुई नाकाम। एक बार फिर दिल्ली पुलिस की बड़ी सफलता सामने आ रही है, जहाँ दिल्ली पुलिस ने समय रहते एक बड़ी आतंकी साजिश को विफल कर दिया है। पाकिस्तान से संचालित एक नेटवर्क और गैंगस्टर शहजाद भट्टी के इशारे पर काम कर रहे दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया है। ये आरोपी फायरिंग, ग्रेनेड हमले और टारगेट किलिंग जैसी गंभीर वारदातों की योजना बना रहे थे। गिरफ्तार किए गए दोनों युवकों की पहचान 21 वर्षीय राजवीर और 19 वर्षीय विवेक बंजारा के रूप में हुई है, जो मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के रहने वाले हैं। पुलिस का कहना है कि दोनों दिल्ली-एनसीआर में किसी बड़े हमले को अंजाम देने की फिराक में थे। जानिए पूरा मामला। 

खुफिया जानकारी की मदद से खुला मामला

स्पेशल सेल को पहले से इनपुट मिला था कि पाकिस्तान से जुड़े एक आतंकी मॉड्यूल द्वारा दिल्ली-एनसीआर में बड़ी हिंसक घटना को अंजाम देने की योजना बनाई जा रही है। इस सूचना के आधार पर 31 मार्च 2026 को केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंची।

दो चरणों में गिरफ्तारी

जांच के दौरान 16 अप्रैल को विवेक बंजारा को ग्वालियर के डबरा इलाके से पकड़ा गया। उससे मिली जानकारी के बाद 18 अप्रैल को मुख्य आरोपी राजवीर को दिल्ली के सराय काले खां क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, राजवीर सीधे पाकिस्तान से निर्देश प्राप्त कर रहा था और एक बड़े होटल को निशाना बनाने की योजना बना रहा था।

हथियार और डिजिटल सबूत मिले

राजवीर के पास से एक पिस्टल और छह जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। इसके अलावा दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन से कई आपत्तिजनक वीडियो, वॉइस नोट्स और चैट्स भी मिले हैं, जिनसे पूरे नेटवर्क और विदेशी हैंडलर्स की भूमिका का पता चला है। जांच में सामने आया है कि राजवीर को सोशल मीडिया के जरिए ‘राणा भाई’ नाम के व्यक्ति ने इस नेटवर्क से जोड़ा था, जिसे शहजाद भट्टी का करीबी माना जाता है। बाद में राजवीर ने विवेक को भी इस गतिविधि में शामिल कर लिया। मार्च 2026 में भट्टी के निर्देश पर हथियारों की व्यवस्था की कोशिश भी की गई थी।

 

पंजाब में हथियार और फायरिंग की घटना

9 अप्रैल को दोनों आरोपी अमृतसर पहुंचे, जहां उन्हें पिस्टल, कारतूस और नकदी दी गई। इन्हीं हथियारों से उन्हें जीरकपुर के एक क्लब पर फायरिंग का काम सौंपा गया था। 11 अप्रैल को राजवीर ने फायरिंग की कोशिश करी, लेकिन हथियार में खराबी के कारण वारदात को अंजाम देना सफल नहीं हो सका। इस दौरान विवेक ने घटना का वीडियो बनाया, जिसे पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स को भेजा जाना था।

 

दिल्ली को दहलाने की कोशिश 

इसके बाद आरोपी ने हथियार छिपाकर उसकी लोकेशन अपने आकाओं को भेज दी। कुछ दिनों तक दिल्ली में रुकने के बाद वह फरीदकोट गया, जहां उसे फिर से हथियार और कारतूस मिले। इसी के साथ वह दिल्ली लौटकर एक बड़े होटल पर हमले की योजना बना रहा था, लेकिन इससे पहले ही स्पेशल सेल ने उसे दबोच लिया और पूरी साजिश को नाकाम कर दिया। हालांकि पुलिस अभी भी इस मामले की जांच में जुटी हुई है।